Delhi Politics: आतिशी ने CM रेखा गुप्ता के पति पर सरकारी कामकाज चलाने का लगाया आरोप
राष्ट्रीय राजधानी में शनिवार को उस समय एक नया राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया जब विपक्ष की नेता आतिशी ने आरोप लगाया कि दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के पति दिल्ली नगर निगम (एमसीडी), दिल्ली जल बोर्ड (डीजेबी), लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) और दिल्ली शहरी आश्रय सुधार बोर्ड (डीयूएसआईबी) के वरिष्ठ अधिकारियों की एक आधिकारिक बैठक में मौजूद थे.
नयी दिल्ली, 14 अप्रैल : राष्ट्रीय राजधानी में शनिवार को उस समय एक नया राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया जब विपक्ष की नेता आतिशी ने आरोप लगाया कि दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के पति दिल्ली नगर निगम (एमसीडी), दिल्ली जल बोर्ड (डीजेबी), लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) और दिल्ली शहरी आश्रय सुधार बोर्ड (डीयूएसआईबी) के वरिष्ठ अधिकारियों की एक आधिकारिक बैठक में मौजूद थे. भाजपा की दिल्ली इकाई के अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा ने इसका जवाब देते हुए आतिशी पर ‘‘अपमानजनक’’ टिप्पणी करने का आरोप लगाया.
सचदेवा ने रेखा गुप्ता का बचाव करते हुए ‘एक्स’ पर लिखा कि वह ‘‘कड़ी मेहनत और दृढ़ संकल्प’’ से इस पद तक पहुंची हैं और परिवार के सदस्यों द्वारा जन प्रतिनिधियों का समर्थन करना ‘‘बिल्कुल सामान्य’’ बात है. आतिशी ने ‘एक्स’ पर एक तस्वीर साझा करते हुए आरोप लगाया कि दिल्ली सरकार को मुख्यमंत्री के पति चला रहे हैं. उन्होंने इस स्थिति की तुलना ‘‘गांवों में अक्सर देखी जाने वाली स्थिति’’ से की. आतिशी ने अपनी पोस्ट में कहा, ‘‘इस तस्वीर को ध्यान से देखिए. जो व्यक्ति एमसीडी, डीजेबी, पीडब्ल्यूडी और डीयूएसआईबी के अधिकारियों के साथ बैठक कर रहे हैं, वह दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के पति हैं.’’ यह भी पढ़ें : Jallianwala Bagh Massacre: जलियांवाला बाग हत्याकांड! भारतीय इतिहास की अत्यंत दुखद घटना, जब ब्रिटिश सैनिकों ने भीड़ पर चलाई थी गोलियां
उन्होंने कहा, ‘‘पहले हम सुनते थे कि अगर गांव में कोई महिला सरपंच चुनी जाती है, तो सारा सरकारी काम उसका पति संभालता है... लेकिन देश के इतिहास में यह पहली बार हुआ होगा कि एक महिला मुख्यमंत्री बनी और सारा सरकारी काम उनके पति संभाल रहे हैं. ’’ जवाब में सचदेवा ने कहा, ‘‘यह हैरानी की बात है कि स्वयं एक महिला होने के बावजूद आतिशी एक महिला नेता का अपमान कर रही हैं. रेखा गुप्ता ने जन सेवा के संकल्प के साथ अपने खुद के परिश्रम से डूसू छात्रसंघ सचिव से लेकर दिल्ली के मुख्यमंत्री पद तक की यात्रा तय की है. उनके पति द्वारा उनका समर्थन किया जाना न तो गैरकानूनी है और न ही अनैतिक.’’
(The above story first appeared on LatestLY on Apr 13, 2025 12:22 AM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

