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देश की खबरें | अंतरिक्ष यात्री शुभांशु शुक्ला ने आईएसएस पर शून्य-गुरुत्वाकर्षण प्रयोग का प्रदर्शन किया

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. यह प्रयोग एक्सिओम स्पेस के पहुंच और वैज्ञानिक मिशन का हिस्सा था, जिसने अंतरिक्ष में पानी के अनोखे व्यवहार पर प्रकाश डाला।

देश की खबरें | अंतरिक्ष यात्री शुभांशु शुक्ला ने आईएसएस पर शून्य-गुरुत्वाकर्षण प्रयोग का प्रदर्शन किया

यह प्रयोग एक्सिओम स्पेस के पहुंच और वैज्ञानिक मिशन का हिस्सा था, जिसने अंतरिक्ष में पानी के अनोखे व्यवहार पर प्रकाश डाला।

आईएसएस पर 18 दिन के प्रवास के बाद शुक्ला और तीन अन्य अंतरिक्ष यात्री- वाणिज्यिक ‘एक्सिओम-4’ मिशन कमांडर पैगी व्हिटसन और मिशन विशेषज्ञ पोलैंड के स्लावोज़ उज्नान्स्की-विस्नीवस्की तथा हंगरी से टिबोर कापू सोमवार शाम पृथ्वी की वापसी यात्रा पर रवाना हुए।

सतही तनाव का फ़ायदा उठाते हुए शुक्ला ने पानी का एक तैरता हुआ बुलबुला बनाया। उन्होंने मज़ाक में कहा, ‘‘मैं यहाँ स्टेशन पर पानी को घुमाने वाला बन गया हूँ।’’

अन्य अंतरिक्ष यात्री व्हिटसन ने एक प्लास्टिक बैग को गोले में धीरे से दबाया, जिससे यह प्रदर्शित हुआ कि कैसे सतह का तनाव सूक्ष्म गुरुत्वाकर्षण में चुंबक की तरह व्यवहार करता है, तथा वस्तु से चिपक जाता है और लेंस की तरह प्रकाश को विकृत कर देता है।

अंतरिक्ष यात्रियों ने न केवल विज्ञान से जुड़ने के अवसर के बारे में बताया, बल्कि अंतरिक्ष से पृथ्वी के आश्चर्य और सौंदर्य को भी संप्रेषित करने के अवसर के बारे में बताया।

शुक्ला ने आईएसएस पर कहा, ‘‘मैं हर पल का आनंद लेने की कोशिश करता हूँ - बस खिड़की के पास बैठकर नीचे देखता हूँ। यह अब तक का सबसे खूबसूरत नज़ारा है, जो मैंने देखा है।’’

व्हिटसन ने कहा कि चालक दल अपने दो सप्ताह के मिशन के पूर्ण होने के करीब है, जिसके दौरान उन्होंने शिक्षा और सार्वजनिक सहभागिता के साथ कठोर वैज्ञानिक अनुसंधान को संतुलित किया है।

उनके मिशन में भारत, हंगरी और पोलैंड सहित विश्व भर के छात्रों और स्टेम समुदायों तक पहुंच बनाना भी शामिल है।

स्टेम समुदाय का मतलब विज्ञान, प्रौद्योगिकी, इंजीनियरिंग और गणित के प्रति जिज्ञासा रखने वाले लोगों के समूह से है।

अपनी पहली अंतरिक्ष उड़ान पर शुक्ला ने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि वे अंतरिक्ष में आने की तुलना में पृथ्वी पर जाते समय बेहतर प्रदर्शन करेंगे, क्योंकि इस दौरान उन्हें अंतरिक्ष में कुछ शारीरिक दिक्कत हुई थी।

‘एक्सिओम-4’ मिशन की अंतरिक्ष यात्रा 25 जून को तब शुरू हुई थी, जब ड्रैगन अंतरिक्ष कैप्सूल को ले जाने वाला फाल्कन-9 रॉकेट फ्लोरिडा से आईएसएस की ओर रवाना हुआ।

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(The above story first appeared on LatestLY on Jul 14, 2025 08:22 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).