जरुरी जानकारी | जीडीआर धोखाधड़ी मामले में कंपनी, उसके निदेशकों की आठ करोड़ रुपये की संपत्ति जब्त

नयी दिल्ली, 20 जुलाई प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने बृहस्पतिवार को कहा कि उसने कथित तौर पर फर्जी ग्लोबल डिपॉजिटरी रिसिप्ट (जीडीआर) जारी करने से जुड़े मामले में विदेशी मुद्रा नियमों के उल्लंघन की जांच के सिलसिले में सॉफ्टवेयर बनाने वाली एक कंपनी तथा उसके निदेशकों की करीब आठ करोड़ रुपये की संपत्ति जब्त की है।

जीडीआर, डिपॉजिटरी बैंक द्वारा जारी एक वित्तीय साधन है। इससे किसी कंपनी को विदेशों में पूंजी बाजार में निवेशक तक पहुंचने की अनुमति मिलती है।

ईडी के बयान के अनुसार, ‘‘जब्त की गई संपत्तियों में कैट टेक्नोलॉजीज लिमिटेड और उसके निदेशकों धीरज कुमार जयसवाल, लक्ष्मी प्रसाद जयसवाल, दिनेश कुमार जयसवाल और निशा जयसवाल की 12 अचल संपत्तियां शामिल हैं। ’’

ईडी ने कहा कि इन संपत्तियों की कुल कीमत 8.03 करोड़ रुपये है और इन्हें विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम (फेमा) की धारा 37ए के तहत जब्त किया गया है।

एजेंसी का आरोप है कि जांच में पाया गया कि कंपनी के प्रबंध निदेशक धीरज कुमार जायसवाल ने अरुण पंचारिया और अन्य के साथ मिलकर 2007 और 2009 में दो बार पर उनकी कंपनी के नाम पर जीडीआर जारी किए। उन्होंने जानबूझकर वैधानिक नियमों का उल्लंघन करते हुए 1.65 करोड़ डॉलर मूल्य की जीडीआर आय को भारत वापस नहीं भेजा।

ईडी का दावा है कि जुटायी गयी राशि का बड़ा हिस्सा (1.38 करोड़ डॉलर) अनुषंगी कंपनी कैट टेक्नोलॉजी एफजेडई को भेजा गया। यह संयुक्त अरब अमीरात में एक मुखौटा कंपनी है।

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