इंदौर (मध्यप्रदेश), 22 अक्टूबर जिले के सांवेर विधानसभा क्षेत्र में तीन नवंबर को होने वाले उप चुनाव के मतदान के लिए इन दिनों प्रशिक्षण ले रहे 1,900 से ज्यादा अधिकारी-कर्मचारियों को विशेष परीक्षा से गुजरना पड़ रहा है।
जिला निर्वाचन कार्यालय के अधिकारियों ने बृहस्पतिवार को बताया कि इस परीक्षा में उत्तीर्ण होने वाले सरकारी कारिंदों को ही सांवेर विधानसभा क्षेत्र में मतदान कराने भेजा जाएगा। ऐसे मतदान दल जिनका एक भी सदस्य परीक्षा में उत्तीर्ण नहीं हो पाया है, उन्हें फिर से प्रशिक्षण लेना होगा।
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अधिकारियों ने बताया कि मतदान दलों की परीक्षा के लिये एक-एक अंक वाले कुल 25 सवालों का विशेष प्रश्न पत्र तैयार किया गया है। इनमें 20 वस्तुनिष्ठ प्रश्न शामिल हैं।
उन्होंने बताया कि कुल 25 अंकों के इस पर्चे में उत्तीर्ण होने के लिये कम से कम 13 अंक हासिल करने होंगे।
अधिकारियों ने बताया कि प्रश्नपत्र के पाठ्यक्रम में मतदान की सामान्य प्रक्रिया, चुनाव संबंधी नये दिशा-निर्देश और इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन के संचालन के साथ ही मतदान कर्मियों के अधिकार व कर्तव्य शामिल हैं।
उन्होंने बताया कि कोविड-19 के प्रकोप के चलते मतदान कर्मियों को सुरक्षित तरीके से वोट डलवाने के तौर-तरीके भी सिखाए जा रहे हैं।
अधिकारियों ने बताया कि सांवेर विधानसभा क्षेत्र में मतदान के लिए कुल 494 दल बनाए गए हैं जिनमें 1,976 अधिकारी-कर्मचारी शामिल हैं।
अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित इस सीट पर 13 उम्मीदवार चुनावी मैदान में हैं जिनके राजनीतिक भाग्य का फैसला करीब 2.70 लाख मतदाता करेंगे।
हालांकि, सांवेर में मुख्य भिड़ंत प्रदेश के पूर्व जल संसाधन मंत्री भाजपा नेता तुलसीराम सिलावट और पूर्व लोकसभा सदस्य और कांग्रेस नेता प्रेमचंद गुड्डू के बीच है।
सांवेर सीट, सिलावट के बतौर कांग्रेस विधायक मार्च में इस्तीफा देने से खाली हुई थी। इस इस्तीफे के ठीक बाद वह दल बदल कर भाजपा में शामिल हो गए थे।
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