उच्च न्यायालय के न्यायाधीश जोनाथन स्विफ्ट ने कहा कि एक अपील असांजे के वकीलों द्वारा पहले ही दायर की गई थी और उसे खारिज किया जा चुका था।
असांजे ने अमेरिका भेजे जाने से बचने के लिए वर्षों तक ब्रिटिश अदालतों में लड़ाई लड़ी। अमेरिका में उन्हें जासूसी के 17 आरोपों का सामना करना पड़ रहा है।
वर्ष 2021 में, एक ब्रिटिश जिला न्यायाधीश ने फैसला सुनाया था कि असांजे को प्रत्यर्पित नहीं किया जाना चाहिए, क्योंकि कठिन अमेरिकी जेल परिस्थितियों में रखे जाने पर उनके आत्महत्या करने की आशंका थी।
अमेरिकी अधिकारियों ने आश्वासन दिया था कि असांजे को कठिन परिस्थितियों का सामना नहीं करना पड़ेगा। इस आश्वासन के बाद ब्रिटेन के उच्च न्यायालय और सर्वोच्च न्यायालय ने निचली अदालत के फैसले को पलट दिया था और ब्रिटिश सरकार ने जून 2022 में प्रत्यर्पण को मंजूरी दी थी।
असांजे ने अदालत में एक नई अपील दायर कर अपने प्रत्यर्पण को रोकने का अनुरोध किया था।
असांजे की पत्नी स्टेला असांजे ने कहा कि विकीलीक्स के संस्थापक मंगलवार को उच्च न्यायालय की सुनवाई में एक नई अपील दायर करने का प्रयास करेंगे।
उन्होंने ब्रिटेन में अपील के अपने रास्ते लगभग समाप्त कर लिये हैं, लेकिन फिर भी वह अपने मामले को यूरोपीय मानवाधिकार न्यायालय में ले जाने की कोशिश कर सकते हैं।
स्टेला असांजे ने ट्विटर पर कहा, ‘‘हमें अभी भी उम्मीद है कि हम जीतेंगे और जूलियन (असांजे) को अमेरिका प्रत्यर्पित नहीं किया जायेगा।’’
असांजे के समर्थकों और वकीलों का कहना है कि वह एक पत्रकार के रूप में काम कर रहे थे। उनका तर्क है कि मामला राजनीति से प्रेरित है और यदि अमेरिका में निष्पक्ष सुनवाई नहीं हुई तो उन्हें अमानवीय व्यवहार का सामना करना पड़ेगा।
गौरतलब है कि 51 वर्षीय असांजे लंदन की उच्च सुरक्षा वाली बेलमार्श जेल में बंद हैं।
एपी
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