देश की खबरें | असम: विवादित कविता लिखने पर गिरफ्तार छात्रा को पुलिस सुरक्षा के बीच परीक्षा देने की अनुमति मिली

गुवाहाटी, 15 जुलाई असम में गोलाघाट जिले की एक अदालत ने एक प्रतिबंधित संगठन का अपनी कविता के जरिये कथित तौर पर समर्थन करने को लेकर गिरफ्तार की गई 19 वर्षीय छात्रा को आवश्यक पुलिस सुरक्षा और अन्य एहतियाती उपायों के साथ आगामी सेमेस्टर परीक्षा में बैठने की अनुमति दे दी है।

गोलाघाट के विशेष न्यायाधीश दिव्यज्योति महंत की अदालत ने बरसाश्री बोरगोहेन को शनिवार से शुरू होने वाली बीएससी द्वितीय सेमेस्टर की परीक्षा में बैठने की अनुमति दी।

सोशल मीडिया पर ‘अकोउ कोरिम राष्ट्र द्रोह’ (एक बार फिर राष्ट्र के खिलाफ विद्रोह) शीर्षक से एक कविता लिखने के आरोप में बोरगोहेन को इस साल 18 मई को गोलाघाट जिले के उरियामघाट से गिरफ्तार किया गया था।

बोरगोहेन ने जिला जेल, गोलाघाट के अधीक्षक के माध्यम से एक याचिका दायर की थी, जिसमें अदालत से उसने परीक्षा में बैठने की अनुमति देने का अनुरोध किया था। अदालत ने जेल अधीक्षक को निर्देश दिया कि वह परीक्षा के कार्यक्रम के अनुसार छात्रा के शामिल होने के लिए आवश्यक व्यवस्था करें।

बोरगोहेन को पुलिस कांस्टेबल पंकज सैकिया द्वारा दर्ज कराई गई एक प्राथमिकी के आधार पर गिरफ्तार किया गया था, जिसमें आरोप लगाया गया था कि छात्रा ने फेसबुक पर आपत्तिजनक बयान पोस्ट किया, जो इंगित करता है कि वह ‘‘आपराधिक साजिश में शामिल है और राष्ट्र के खिलाफ युद्ध छेड़ने का इरादा रखती है।’’

प्राथमिकी में यह भी कहा गया कि उसने प्रतिबंधित संगठन उल्फा (आई) में शामिल होने का इरादा जाहिर किया, जो ‘‘देश की संप्रभुता के लिए खतरा’’ है।

बोरगोहेन के वकील रितुपल्लब सैकिया ने पीटीआई- को बताया कि पोस्ट में कहीं भी ‘उल्फा (आई)’ शब्द या संगठन में शामिल होने की इच्छा का उल्लेख नहीं है। उन्होंने कहा, ‘‘पुलिस ने बोरगोहेन के पास से उल्फा (आई) से संबंधित कोई भी आपत्तिजनक दस्तावेज या पर्चे जब्त या बरामद नहीं किए हैं। उसके मोबाइल से केवल पोस्ट का स्क्रीनशॉट लिया गया।

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