गुवाहाटी, 16 मई असम मंत्रिमंडल ने शुक्रवार को कई प्रमुख पहल को मंजूरी दी, जिनमें असम की औद्योगिक और निवेश नीति (आईआईपीए) के तहत दो निवेशकों को लाभ प्रदान करना, अक्टूबर से अतिरिक्त वस्तुओं के लिए खाद्यान्न सब्सिडी और ‘अमूल’ द्वारा डेरी संयंत्र की स्थापना शामिल है।
मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा ने मंत्रिमंडल की बैठक की अध्यक्षता की और इसमें लिये गए निर्णयों को ‘एक्स’ पर साझा किया।
उन्होंने कहा, ‘‘असम कैबिनेट की आज की बैठक में, हमने अमूल को एक लाख लीटर/प्रतिदिन की क्षमता वाला डेरी प्रसंस्करण संयंत्र स्थापित करने की अनुमति देने का संकल्प लिया।’’
शर्मा ने कहा कि कैबिनेट ने अक्टूबर से खाद्यान्न सब्सिडी शुरू करने, आईसीटी (सूचना संचार प्रौद्योगिकी) शिक्षकों के पारिश्रमिक में वृद्धि करने और दो निवेशकों को आईआईपीए के तहत लाभ प्रदान करने का भी निर्णय लिया।
मुख्यमंत्री द्वारा साझा किये गए विवरण के अनुसार, मंत्रिमंडल ने राज्य में निजी निवेश को आकर्षित करने और रोजगार के अवसर पैदा करने के लिए आईआईपीए के तहत दो निवेश प्रस्तावों को मंजूरी दी।
इन परियोजनाओं में 457.98 करोड़ रुपये का संयुक्त निवेश परिव्यय है और इनसे लगभग 1,000 लोगों को रोजगार मिलने की उम्मीद है।
डेरी उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए, मंत्रिमंडल ने कामरूप के रानी में ‘इंस्टीट्यूट ऑफ फार्म मैनेजमेंट’ कैंपस में अत्याधुनिक उत्पाद डेरी संयंत्र स्थापित करने के लिए अमूल को 20 बीघा जमीन पट्टे पर देने को मंजूरी दी।
अमूल 75 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत से एक लाख लीटर प्रतिदिन की क्षमता वाली यह प्रसंस्करण इकाई स्थापित करेगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इस संयंत्र से लगभग 20,000 डेरी किसानों को लाभ होगा।
बैठक में, अक्टूबर से चुनिंदा जिलों में एनएफएसए (राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम) लाभार्थियों को सब्सिडी वाली मसूर दाल, चीनी और नमक वितरित करने को भी मंजूरी दी गई। नवंबर से राज्य के सभी जिलों में यह सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। प्रत्येक वस्तु अलग-अलग पैकेट में उपलब्ध कराई जाएगी, ताकि ग्राहकों को अलग-अलग उत्पाद खरीदने का विकल्प मिल सके।
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