नयी दिल्ली, 26 अक्टूबर बहुपक्षीय विकास संस्थान एशियाई अवसंरचना निवेश बैंक (एआईआईबी) ने मंगलवार को कहा कि वह भारत को भविष्य की स्वास्थ्य चुनौतियों से निपटने के लिये स्वास्थ्य संबंधी ढांचागत सुविधाओं को मजबूत बनाने में सहयोग करेगा।
बीजिंग स्थित वित्तपोषण संस्थान ने कहा कि वह जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों से निपटने में सक्षम ढांचागत परियोजनाओं के विकास को लेकर भारत सरकार के साथ काम कर रहा है।
एआईआईबी के अध्यक्ष जिन लिक्यून ने सालाना बैठक के दौरान अलग से ‘ऑनलाइन’ सम्मेलन में कहा, ‘‘जब हम परियोजना प्रस्तावों की जांच करते हैं, तो हम यह सुनिश्चित करने के लिए भारत सरकार के साथ काम करते हैं कि बुनियादी ढांचा परियोजनाओं को प्राथमिकता दी जाए, जो जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों से निपट सकें। इस मामले में हमारा नजरिया बिल्कुल साफ है और हम इस संबंध में महत्वपूर्ण प्रगति कर रहे हैं।’’
उन्होंने कहा कि एआईआईबी ने भारत में महामारी से निपटने के लिये परियोजना का वित्तपोषण किया है। उन्होंने कोविड-19 महामारी को काबू में करने को लेकर भारत सरकार की सराहना भी की।
लिक्यून ने कहा, ‘‘...हम अब सामान्य ढांचागत परियोजनाओं की ओर तेजी से लौट सकते हैं, जो स्वास्थ्य संबंधी ढांचागत प्रणालियों में सुधार लाने में भी मददगार हो सकती हैं। आने वाले समय में हम जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों से निपटने में सक्षम ढांचागत परियोजनाओं के साथ भारत की स्वास्थ्य व्यवस्था में सुधार के प्रयास के समर्थन पर भी गौर करेंगे। भौतिक बुनियादी ढांचा और सामाजिक बुनियादी ढांचा के बीच समुचित संतुलन जरूरी है।’’
उन्होंने कहा कि एआईआईबी एक जुलाई, 2023 तक अपने कार्यों को पेरिस समझौतों के लक्ष्यों के अनुरूप करेगा।
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