विदेश की खबरें | आसियान देशों ने हिंसा को लेकर म्यांमा की आलोचना की
श्रीलंका के प्रधानमंत्री दिनेश गुणवर्धने

नोम पेन्ह , पांच अगस्त (एपी) दक्षिण-पूर्वी एशियाई राष्ट्रों के संगठन (आसियान) के सदस्य देशों के विदेश मंत्रियों ने कई दौर की बैठकों के बाद शुक्रवार को अंतिम परिपत्र जारी कर हिंसा रोकने में नाकामी को लेकर म्यांमा की आलोचना की है।

फरवरी 2021 में निर्वाचित नेता आंग सान सू ची से सत्ता हथियाने वाली म्यांमा की सेना के नेतृत्व वाली सरकार पर हजारों गैर-न्यायिक हत्याओं का आरोप लगाया गया है।

म्यांमा में पिछले सप्ताह कई दशकों के बाद पहली बार आधिकारिक रूप से कुछ लोगों को फांसी की सजा दी गयी थी। जिसको लेकर आसियान के सदस्य देशों के अलावा दुनिया के कई देशों ने म्यांमा की सरकार की आलोचना की थी।

आसियान पिछले साल म्यांमा को लेकर बनी पांच सूत्रीय सहमति को लागू करने का प्रयास कर रहा है। इन पांच सूत्रीय सहमति में सभी पक्षों के बीच बातचीत की अपील, हिंसा को तत्काल रोकने के अलावा संकटग्रस्त देश में मानवीय सहायता पहुंचाना शामिल है।

म्यांमा में जुलाई महीने में दी गयी फांसी की सजा को लेकर मलेशिया के विदेश मंत्री सैफुद्दीन अब्दुल्ला ने म्यांमा पर 'पांच सूत्री प्रक्रिया का मजाक बनाने' का आरोप लगाया।

गौरतलब है कि इस समय आसियान की अध्यक्षता कंबोडिया के पास है। आसियान में फिलीपीन, मलेशिया, इंडोनेशिया, लाओस, सिंगापुर, थाईलैंड, वियतनाम और ब्रुनेई के अलावा म्यांमा भी शामिल है।

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