अरुणाचल प्रदेश ने शुल्क लेकर पृथक-वास सुविधा मुहैया कराने की पेशकश की
जमात

ईटानगर, पांच मई अरुणाचल प्रदेश सरकार ने देश के दूसरे हिस्सों से आने वाले राज्य के लोगों को शुल्क लेकर पृथक-वास सुविधा मुहैया कराने की पेशकश की है।

उन्होंने बताया कि शुल्क वाले पृथक-वास केंद्रों में कई तरह की सुविधाएं होंगी और यह राज्य सरकार द्वारा स्थापित किए गए अन्य केंद्रों से अलग होगा।

मुख्य सचिव नरेश कुमार ने कहा कि शुल्क वाले पृथक-वास केंद्र सभी जिलों और राज्य में जल्द ही स्थापित किए जाएंगे। इस तरह के केंद्र में लोगों को सभी तरह की सुविधाएं दी जाएंगी।

कुमार ने कहा कि देश के विभिन्न हिस्सों में फंसे राज्य के 2,800 से ज्यादा लोगों ने लौटने के लिए पंजीकरण कराया है।

उन्होंने कहा कि इन्हें वापस लाने की प्रक्रिया चरणबद्ध तरीके से शुरू की जाएगी और उन्हें अनिवार्य रूप से 14 दिन तक अपने गृह जिलों के पृथक केंद्रों में रखा जाएगा।

उन्होंने कहा कि लार के नमूने पृथक-वास में रहने के दौरान तीन दिन के भीतर जमा किए जाएंगे। कुमार ने कहा कि राज्य सरकार फंसे हुए छात्रों का यात्रा खर्च उठाएगी लेकिन बाद में उनके माता-पिता को खर्च की रकम लौटानी होगी।

राज्य सरकार पासीघाट (पूर्वी सियांग जिला), बोमडिला (पश्चिम कामेंग) नामसेई (नामसेई) में कोविड-19 जांच प्रयोगशाला स्थापित करने पर काम कर रही है।

(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, लेटेस्टली स्टाफ ने इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया है)