कटक, सात दिसंबर जासूसी मामले में गिरफ्तार किए गए रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ) के पांच कर्मचारियों को विदेशों से धन मिला जो उनके बैंक खातों में स्थानांतरित हुआ। पुलिस ने ओडिशा उच्च न्यायालय को मंगलवार को यह जानकारी दी।
मुख्य न्यायाधीश एस मुरलीधर की अध्यक्षता वाली खंडपीठ एक जनहित याचिका पर सुनवाई कर रही थी, जिसमें जांच को ओडिशा पुलिस की अपराध शाखा से एक राष्ट्रीय एजेंसी को स्थानांतरित करने की मांग की गई थी।
अपनी स्थिति रिपोर्ट में राज्य पुलिस की अपराध शाखा ने उच्च न्यायालय को बताया कि चांदीपुर में डीआरडीओ के एकीकृत परीक्षण रेंज (आईटीआर) के पांच अनुबंधित कर्मचारी फेसबुक और व्हाट्सऐप सहित विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर कई महिलाओं के संपर्क में थे। हालांकि, स्थिति रिपोर्ट के अनुसार महिलाओं के स्थान का पता नहीं चल पाया है। अदालत ने पिछले महीने केंद्र और राज्य सरकार को हलफनामा दाखिल करने के लिए कहा था, जिसमें अदालत ने जांच की मौजूदा स्थिति की जानकारी मांगी थी।
केंद्र ने अभी तक अपनी रिपोर्ट जमा नहीं की है, जिसके लिए उच्च न्यायालय ने सुनवाई की अगली तारीख तीन फरवरी 2022 तय की है।
सितंबर में, पुलिस ने बालासोर जिले के चांदीपुर में आईटीआर में काम करने वाले पांच लोगों को एक विदेशी एजेंट के साथ संबंध रखने और दुश्मन देश को जानकारी देने के आरोप में गिरफ्तार किया था।
पुलिस ने पहले कहा था कि उन्हें एक महिला एजेंट के संलिप्त होने की जानकारी मिली है, जिसके पाकिस्तानी होने का संदेह है। गौरतलब है कि भारत आईटीआर में मिसाइलों का परीक्षण करता है।
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