देश की खबरें | सेना के कमांडरों ने एलएसी के पास स्थित क्षेत्रों में स्थिति की समीक्षा की
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नयी दिल्ली, 27 मई भारतीय सेना के शीर्ष कमांडरों ने पूर्वी लद्दाख में स्थिति की बुधवार को व्यापक समीक्षा की।

पूर्वी लद्दाख में भारतीय और चीनी सैनिकों के बीच तीन सप्ताह से अधिक समय से गतिरोध बना हुआ है।

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यहां तीन दिवसीय सम्मेलन के पहले दिन पूर्वी लद्दाख के साथ-साथ उत्तराखंड और सिक्किम में चीन-भारत सीमा के पास रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण क्षेत्रों में तेजी से उभरती हुई स्थिति पर कमांडरों ने विचार-विमर्श किया।

भारतीय सेना के शीर्ष कमांडरों ने पूर्वी लद्दाख के कई क्षेत्रों में भारतीय और चीनी सैनिकों के बीच तनावपूर्ण गतिरोध सहित देश की भारत की प्रमुख सुरक्षा चुनौतियों पर विचार-विमर्श किया।

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सैन्य सूत्रों ने बताया कि भारतीय सेना पूर्वी लद्दाख में पेंगोंग त्सो, गलवान घाटी, डेमचोक और दौलत बेग ओल्डी जैसे विवादित क्षेत्रों ओर उत्तराखंड तथा सिक्किम के कुछ क्षेत्रों में आक्रामक तेवर जारी रखेगी।

विचार-विमर्श में इस बात पर जोर दिया गया कि भारतीय सैनिक किसी चीनी दबाव के आगे नहीं झुकेंगे और लगभग 3,500 किलोमीटर लंबी वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) की यथास्थिति सुनिश्चित करने के लिए तैयार रहेंगे।

एक शीर्ष सैन्य अधिकारी ने ‘पीटीआई-’ को बताया कि सेना स्थिति से दृढ़ता के साथ निपटती रहेगी।

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