देश की खबरें | छत्तीसगढ़ कृषि उपज मंडी (संशोधन) विधेयक के प्रारूप का अनुमोदन
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. छत्तीसगढ़ में मंत्रिमंडल ने छत्तीसगढ़ कृषि उपज मंडी (संशोधन) विधेयक-2020 के प्रारूप का अनुमोदन कर दिया है। यह विधेयक मंगलवार को विधानसभा के विशेष सत्र में प्रस्तुत किया जाएगा।
रायपुर, 26 अक्टूबर छत्तीसगढ़ में मंत्रिमंडल ने छत्तीसगढ़ कृषि उपज मंडी (संशोधन) विधेयक-2020 के प्रारूप का अनुमोदन कर दिया है। यह विधेयक मंगलवार को विधानसभा के विशेष सत्र में प्रस्तुत किया जाएगा।
राज्य के वरिष्ठ अधिकारियों ने सोमवार को बताया कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की अध्यक्षता में आज यहां उनके निवास कार्यालय में मंत्रिपरिषद की बैठक आयोजित की गई। बैठक के बाद संवाददाताओं से बातचीत के दौरान कृषि मंत्री रविंद्र चौबे ने कहा, ''कुछ (केंद्रीय) कानूनों के कारण संभव है कि हमारे किसानों का शोषण हो सकता है और राज्य में धान की खरीदी भी प्रभावित हो सकती है। हम देख रहे हैं कि अपने किसानों के हितों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए राज्य के कानून में कैसे संशोधन कर सकते हैं।''
चौबे ने बताया कि मंत्रिमंडल ने छत्तीसगढ़ कृषि उपज मण्डी (संशोधन) विधेयक-2020 के प्रारूप का अनुमोदन कर दिया है। इसे मंगलवार को विधानसभा में पेश किया जाएगा। हमने इस विधेयक में अपने किसानों को शोषण से बचाने के लिए प्रावधान किया है।
कृषि मंत्री ने कहा कि इस विधेयक में संशोधन का मतलब केंद्र से टकराव नहीं है, बल्कि हमारे किसानों का समर्थन करना है।
इससे पहले राज्य के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा था कि केंद्र सरकार द्वारा लाए गए नए कृषि कानूनों का किसानों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा। इसलिए राज्य विधानसभा का विशेष सत्र बुलाकर एक कानून बनाएंगे जिससे नए केंद्रीय कृषि कानूनों के कारण छत्तीसगढ़ के किसान और मजदूर प्रभावित न हों।
राज्य के वरिष्ठ अधिकारियों ने बताया कि राज्य मंत्रिमंडल ने केंद्र सरकार के जल शक्ति मंत्रालश् द्वारा ‘जल जीवन मिशन‘ के क्रियान्वयन के संबंध में निर्णय लिया है कि जल जीवन मिशन की संपूर्ण निविदा (ईओआई) को निरस्त करके भारत सरकार के निर्देशानुसार कार्यवाही की जाए।
अधिकारियों ने बताया कि जल जीवन मिशन के अंतर्गत कार्य आवंटन प्रक्रिया के संबंध में विभिन्न शिकायतें प्राप्त हुई थीं। मुख्यमंत्री ने इसे गंभीरता से लेते हुए इस महीने की 23 तारीख को शिकायतों के परीक्षण के लिए मुख्य सचिव, अपर मुख्य सचिव वित्त और सचिव लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग की तीन सदस्यीय टीम का गठन किया था।
जल जीवन मिशन के अंतर्गत ग्रामीण इलाकों के घरों में वर्ष 2024 तक पाइप लाइन के माध्यम से पेयजल आपूर्ति का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
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