नयी दिल्ली, 22 जुलाई दिल्ली उच्च न्यायालय ने 1984 के सिख दंगों के दौरान एक व्यक्ति की हत्या से संबंधित मामले में कांग्रेस के पूर्व सांसद सज्जन कुमार को बरी किए जाने को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर सोमवार को कुमार से जवाब मांगा।
कुमार दंगों से संबंधित एक अन्य मामले में दोषी ठहराए जाने के बाद फिलहाल तिहाड़ जेल में आजीवन कारावास की सजा काट रहे हैं।
केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने कुमार को बरी करने के अधीनस्थ न्यायालय के आदेश के खिलाफ अपील करने के लिए उच्च न्यायलय से अनुमति मांगी है, जिसपर न्यायमूर्ति प्रतिभा एम. सिंह और न्यायमूर्ति अमित शर्मा की पीठ ने कुमार को नोटिस जारी किया है।
पीठ ने आदेश के खिलाफ एक गवाह शीला कौर की अपील पर भी कुमार को नोटिस जारी किया है।
उल्लेखनीय है कि 20 सितंबर, 2023 को विशेष न्यायाधीश गीतांजलि गोयल ने कुमार को “संदेह का लाभ” देते हुए मामले में बरी कर दिया था और कहा था कि अभियोजन पक्ष “आरोपी व्यक्तियों के खिलाफ आरोप उचित संदेह से परे साबित करने में विफल रहा।”
अधीनस्थ न्यायालय ने दो अन्य आरोपियों - वेद प्रकाश पियाल और ब्रह्मानंद गुप्ता को भी बरी कर दिया था, क्योंकि अभियोजन पक्ष उनके खिलाफ हत्या व दंगे का मामला साबित करने में विफल रहा था।
सुल्तानपुरी में हुई इस घटना के दौरान एक सिख व्यक्ति सुरजीत सिंह की मौत हो गई थी।
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