देश की खबरें | अंसारी का राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार, साठ हजार लोग हुए शामिल

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. झारखंड के अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री हाजी हुसैन अंसारी को रविवार को उनके विधानसभा क्षेत्र मधुपुर स्थित पैतृक गांव पिपरा में पूरे राजकीय सम्मान के साथ सुपुर्दे-ए-खाक किया गया।

एनडीआरएफ/प्रतीकात्मक तस्वीर (Photo Credits: ANI)

देवघर, चार अक्टूबर झारखंड के अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री हाजी हुसैन अंसारी को रविवार को उनके विधानसभा क्षेत्र मधुपुर स्थित पैतृक गांव पिपरा में पूरे राजकीय सम्मान के साथ सुपुर्दे-ए-खाक किया गया।

इससे पूर्व उनकी पार्थिव देह को उनके पैतृक गांव में आम लोगों के दर्शन के लिए रखा गया था जहां मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन, विधानसभाध्यक्ष रवीन्द्रनाथ महतो और हजारों समर्थकों ने उन्हें पुष्पांजलि अर्पित की।

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बाद में पिपरा गांव के कब्रिस्तान में उनका पूर्ण राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया। अंतिम संस्कार में कृषि मंत्री बादल पत्रलेख, संसदीय कार्य मंत्री आलमगीर आलम और स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता उपस्थित थे।

एक पुलिस अधिकारी ने नाम उजागर नहीं करने की शर्त पर बताया कि अंतिम संस्कार के वक्त लगभग साठ हजार लोग मौजूद थे ।

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कोविड-19 के दौरान अंतिम संस्कार में 50 से अधिक लोगों को उपस्थित होने की अनुमति नहीं है, लेकिन यहां बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे।

इस बारे में पूछे जाने पर उपायुक्त कमलेश्वर प्रसाद सिंह ने कहा कि ,‘‘भीड़ तो बहुत थी और अंतिम संस्कार में अनेक मंत्री लोग भी शामिल हुए लेकिन वहां कोरोना संक्रमण से जुड़े दिशा निर्देशों के पालन के संबन्ध में कुछ कहा नहीं जा सकता।’’

उपायुक्त ने कहा, ‘‘मैं मुख्यमंत्री के साथ था और जब मुख्यमंत्री दिवंगत हाजी हुसैन अंसारी के घर उनके पार्थीव शरीर पर पुष्पांजलि अर्पित करने पहुंचे तो उन्हें भीड़ से दूर रखा गया। बाद में मैं उन्हें हेलीपैड छोड़ने चला गया था, इसलिए मैं स्वयं तो कब्रिस्तान में मौजूद नहीं था लेकिन मुझे सूचना मिली है कि वहां हजारों की संख्या में लोग उपस्थित थे।’’

उपायुक्त ने कहा कि अंतिम संस्कार से पहले मुख्यमंत्री और विधानसभाध्यक्ष हाजी हुसैन के घर पहुंचे थे, वहां भी अत्यधिक भीड़ थी और अंतिम संस्कार में कई मंत्री तथा कई अन्य लोग उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा, ‘‘माननीय हाजी साहब का निधन पूरे झारखण्ड राज्य के साथ-साथ व्यक्तिगत रूप से मेरे लिए भी बड़ी क्षति है। हाजी साहब का हमारे बीच से यूँ चले जाना, हम सभी के लिए मर्माहत करने वाला है। हाजी साहब हमारे बीच नहीं हैं लेकिन अपने व्यक्तित्व, अपनी कार्यशैली और अपने विचार के माध्यम से वे सदैव जीवित रहेंगे।’’

सुपुर्द ए खाक करने से पूर्व सशस्त्र पुलिस बल ने मातमी धुन बजायी जिससे सभी की आंखें नम हो गयीं।

गौरतलब है कि झारखंड के अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री हाजी हुसैन अंसारी का शनिवार को यहां मेदांता अस्पताल में निधन हो गया। वह 73 वर्ष के थे। कोरोना वायरस से संक्रमित होने के बाद से वह अस्पताल में भर्ती थे।

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