देश की खबरें | अंकिता भंडारी के परिजन ने हत्याकांड की पैरवी कर रहे विशेष लोक अभियोजनक को मामले से हटाने की मांग की

ऋषिकेश/कोटद्वार (उत्तराखंड), दो जून बहुचर्चित अंकिता भंडारी हत्याकांड में नियुक्त विशेष लोक अभियोजक जीतेंद्र रावत पर अनियमितता बरतने का आरोप लगाते हुए मृतका के ​माता-पिता ने उन्हें मामले से हटाने की मांग की है।

इस संबंध में अंकिता के पिता वीरेंद्र सिंह भंडारी और मां सोनी भंडारी ने पौड़ी के जिलाधिकारी को एक पत्र लिखा है।

ऋषिकेश के निकट पौड़ी जिले के यमकेश्वर में एक रिजॉर्ट में रिसेप्शिनिस्ट के रूप में काम करने वाली 19 वर्षीय अंकिता की पिछले साल सितंबर में कथित तौर पर रिजॉर्ट संचालक पुलकित आर्य ने अपने दो कर्मचारियों - सौरभ भास्कर और अंकित गुप्ता के साथ मिलकर चीला नहर में धक्का देकर हत्या कर दी थी।

अंकिता के माता-पिता ने पत्र लिखकर हत्याकांड की पैरवी कर रहे विशेष लोक अभियोजक पर मामले को कमजोर करने का आरोप लगाते हुए कहा कि प्रकरण में एक गवाह विवेक आर्य ने चार मई को दिए अपने बयान में अंकिता की हत्या से पहले उसे नजरबंद कर मुख्य आरोपी पुलकित आर्य पर दुराचार किए जाने का आरोप लगाया था।

अंकिता के पिता ने दावा किया कि सरकारी वकील ने बयानों को तोड़ मरोड़ कर पेश किया और बयान दर्ज किए गए कि मुख्य आरोपी ने बंद कमरे में मृतका से बलात्कार करने की कोशिश की थी।

पत्र में सरकारी वकील पर आरोपियों को बचाने का आरोप लगाते हुए अंकिता के पिता ने जिलाधिकारी से पांच जून तक उन्हें मामले से हटाए जाने की मांग की और कहा कि अगर उन्हें मामले से नहीं हटाया गया तो वे परिवार व ग्रामीणों के साथ छह जून से जिलाधिकारी कार्यालय के परिसर में धरना देंगे।

मामले की अगली सुनवाई नौ जून को है।

इस संबंध में पौड़ी के जिलाधिकारी आशीष कुमार चौहान ने कहा कि शिकायती पत्र पर यमकेश्वर के उपजिलाधिकारी से तथ्यपरक रिपोर्ट मांगी गयी है। उन्होंने कहा कि रिपोर्ट मिलते ही उसका परीक्षण कर न्यायोचित कार्यवाही की जाएगी।

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