तूतीकोरिन, 24 जून तमिलनाडु के तूतीकोरिन जिले में पुलिस हिरासत में पिता और पुत्र की कथित रूप से मौत के बाद जनाक्रोश भड़क गया है। मद्रास उच्च न्यायालय ने इस मामले में जवाब मांगा है।
सतकुलम थाने में हिरासत में दो व्यापारियों की कथित मौत के विरोध में बुधवार को जिले में दुकानें बंद रहीं। वैसे इस मामले की न्यायिक जांच का आदेश दिया जा चुका है।
उच्च न्यायालय की मदुरै पीठ ने पिता-पुत्र की मौत को लेकर पुलिस को 26 जुलाई तक रिपोर्ट दखिल करने का निर्देश दिया।
पी जयराज और उनके बेटे जे फेनिक्स के रिश्तेदारों ने आरोप लगाया कि लॉकडाउन के दौरान अपनी मोबाइल दुकान खुली रखने को लेकर पूछताछ के लिए हिरासत में लिये गये इन दोनों के साथ पुलिसकर्मियों ने मारपीट की।
जेल अधिकारियों के अनुसार जब फेनिक्स को जेल लाया गया तब उसके शरीर से खून बह रहा था।
तूतीकोरिन के जिलाधिकारी संदीन नंदूरी ने बताया कि दोनों को गिरफ्तार किया गया था और उन्हें कोविलपट्टी उपजेल में रखा गया था।
उन्होंने बताया कि फेनिक्स बीमार पड़ गया और सोमवार को कोविलपट्टी सामान्य अस्पताल में उसकी मौत हो गई। जबकि उसके पिता की मंगलवार को मौत हो गयी।
उन्होंने कहा,‘‘ शिकायत है कि वे पुलिस की पिटाई से मरे , न्यायिक जांच का आदेश दिया गया है।’’
बुधवार को न्यायमूर्ति पी एनप्रकाश और न्यायमूर्ति बी पुगलेंदी की खंडपीठ ने तूतीकोरिन के पुलिस अधीक्षक को 26 जुलाई तक मामले में रिपोर्ट देने का निर्देश दिया।
इस बीच पी जयराज और उनके बेटे जे फेनिक्स के परिवार ने दो उपनिरीक्षकों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज करने की मांग की और आरोप लगाया कि वे ही दोनों की मौत के लिए जिम्मेदार हैं।
परिवार ने कहा कि जबतक उसकी मांग नहीं मान ली जाती है तबतक वह शव नहीं लेगा।
द्रमुक समेत विभिन्न राजनीतिक दलों ने दोनों की मौत के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
द्रमुक सांसद कनिमोई ने इसे पुलिस हिंसा करार दिया और दोनों उपनिरीक्षकों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
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