नयी दिल्ली, छह नवम्बर बड़े पैमाने पर कोरोना वायरस-रोधी टीका अभियान में अस्पतालों के अलावा आंगनवाड़ी केंद्रों, स्कूलों, पंचायत भवनों और ऐसे अन्य संस्थानों का इस्तेमाल टीकाकरण स्थलों के रूप में किया जाएगा। इस अभियान की निगरानी केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के डिजिटल प्लेटफॉर्म द्वारा की जाएगी।
एक विशेषज्ञ समूह द्वारा तैयार किए गए एक खाके के अनुसार, राज्य सरकारें उन इमारतों की पहचान करेंगी जिनका उपयोग विशेष कोविड-19 टीकाकरण कार्यक्रम के तहत टीकाकरण बूथ के रूप में किया जा सकता है जो मौजूदा वैश्विक टीकाकरण कार्यक्रम (यूआईपी) के समानांतर चलेगा।
इससे संबंधित एक सूत्र ने कहा, ‘‘टीकाकरण स्थल सिर्फ स्वास्थ्य सुविधाओं तक सीमित नहीं होंगे। इस तरह के केंद्र राज्य सरकारों द्वारा चिह्नित आंगनवाड़ी केंद्रों, स्कूलों, पंचायत भवनों और ऐसे अन्य संस्थानों में भी स्थापित किए जाएंगे।’’
सूत्र ने बताया कि स्वास्थ्य मंत्रालय के मौजूदा डिजिटल प्लेटफॉर्म ईवीआईएन, जिसे यूआईपी के लिए इस्तेमाल किया जा रहा है, के दायरे को कोविड-19 टीका वितरण के लिए बढ़ाया जा रहा है, जिसके माध्यम से प्राप्तकर्ताओं को एसएमएस भेजा जाएगा कि जिसमें टीका देने के लिए और डिजिटल रूप से संपर्क करने के लिए समय, तिथि और स्थान की सूचना दी जाएगी। उन्हें इसके माध्यम से ट्रैक भी किया जाएगा।
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टीकाकरण सूची में शामिल प्रत्येक व्यक्ति को दोहराव से बचने और लाभार्थियों को ट्रैक करने के लिए उनके आधार कार्ड के साथ जोड़ा जाएगा। हालांकि, अगर किसी व्यक्ति के पास आधार कार्ड नहीं है, तो उनके एक सरकारी फोटो पहचान पत्र का इस्तेमाल किया जा सकता है।
‘इलेक्ट्रॉनिक वैक्सीन इंटेलिजेंस नेटवर्क’ (ईवीआईएन) प्रणाली यूआईपी के तहत देश के सभी ‘कोल्ड चेन पॉइंट्स’ पर टीका भंडार और भंडारण तापमान पर वास्तविक समय की जानकारी प्रदान करती है।
कृष्ण
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