अमरावती, 20 जुलाई आंध्र प्रदेश सरकार ने संसाधनों की तंगी होने का हवाला देते हुये सोमवार को राज्य में पेट्रोल और डीजल पर करों में संशोधन किया। इससे राज्य में पेट्रोल का दाम 1.24 रुपये और डीजल का दाम 0.93 रुपये प्रति लीटर बढ़ गया।
इस उपाय से राज्य को 600 करोड़ रुपये का अतिरिक्त राजस्व प्राप्त होगा।
राज्य सरकार के जारी आदेश के मुताबिक आंध्र प्रदेश मूल्य वर्धित कर अधिनियम 2005 के प्रावधानों को संशोधित किया गया है जिसके तहअत पेट्रोल के लिये संशोधित दर 31 प्रतिशत कर और उसके ऊपर चार रुपये प्रति लीटर का अतिरिक्त शुल्क लगाया जायेगा। इसी प्रकार डीजल के लिये यह 22.25 प्रतिशत और उसके ऊपर चार रुपये प्रति लीटर का अतिरिक्त शुल्क होगा।
कोविड- 19 लॉकडाउन के कारण राज्य सरकार का राजस्व काफी घट गया। अप्रैल 2020 में राज्य का अपना राजस्व केवल 1,323 करोड़ रुपये रहा जबकि एक साल पहले अप्रैल में राज्य को 4,480 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ था।
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राज्य के विशेष मुख्य सचिव (राजस्व) रजत भार्गव ने आदेश में कहा है कि इसी प्रकार का रुख मई और जून में भी देखा गया है। इन परिस्थितियों को देखते हुये और वित्तीय संकट से बाहर निकलने के लिये राज्य सरकार ने सोच विचार के बाद वापस 2015 और 2018 की कर व्यवसथा की तरफ लौटने का फैसला किया।
भार्गव ने कहा, ‘‘हमने यह सुनिश्चित किया है कि कुल दाम 2015 और 2018 के दौरान के स्तरों से ऊपर नहीं निकलें। कई राज्यों में इसी तरह की स्थिति बनी है और उन्होंने भी राजस्व नुकसान की भरपाई के लिये कर बढ़ायें हैं।’’
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