देश की खबरें | नये कुलपति के पैनल चयन के लिए ‘एएमयू कोर्ट’ की सोमवार को होगी बैठक, परिसर की सुरक्षा कड़ी

अलीगढ़ (उप्र) पांच नवंबर अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय (एएमयू) की सर्वोच्च शासी निकाय, एएमयू कोर्ट, संस्था के नए कुलपति के पैनल चयन के लिए सोमवार को बैठक करेगी। बैठक की पूर्व संध्या पर एहतियात के तौर पर यहां परिसर की सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है।

विश्वविद्यालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने रविवार को यह जानकारी दी।

बैठक में ‘एएमयू कोर्ट’ तीन उम्मीदवारों का पैनल चुनेगी जिन्हें भारत के राष्ट्रपति के पास भेजा जाएगा जो इनमें से एक नाम को कुलपति के पद के लिये मंजूरी देंगे।

यह बैठक ऐसे समय हो रही है जब एएमयू के कार्यवाहक कुलपति मोहम्मद गुलरेज की अध्यक्षता वाली कार्य परिषद ने दो नवंबर को विश्वविद्यालय के कुलपति पद के लिए पांच नामों का चयन किया था जिसमें गुलरेज की पत्नी नइमा खातून का नाम भी शामिल है, जिसे लेकर कार्यकारी परिषद के कुछ सदस्यों ने आपत्ति जताई थी।

एएमयू के प्रवक्ता उमर पीरजादा ने कहा था कि चूंकि मोहम्मद गुलरेज कुलपति पद के लिए उम्मीदवार नहीं थे और बैठक की अध्यक्षता कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि इसमें निजी स्वार्थ इसलिए नहीं है, क्योंकि कानून की नजर में पति और पत्नी कानूनी रूप से स्वतंत्र माने गये हैं। उच्च शिक्षा विभाग और एएमयू अध्यादेश दोनों ही कुलपति के पति/पत्नी को मतदान प्रक्रिया में भाग लेने से नहीं रोकते हैं।

पीरजादा ने बताया कि अब आगे कुलपति पद के लिए तीन संभावित नामों को अंतिम रूप देने के लिए विश्वविद्यालय शासी निकाय को भेजा जाएगा। उन्होंने बताया कि सर्वोच्च शासी निकाय(एएमयू कोर्ट) इसके लिए छह नवंबर को बैठक करेगी। उन्होंने कहा कि जिन तीन नामों को अंतिम रूप दिया जाएगा, उन्हें कुलपति चुनने के लिए राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को भेजा जाएगा।

परिसर में हाल के दिनों में अराजकता की कुछ घटनाएं हुई हैं। शुक्रवार की रात एक स्नातक छात्र रेहान हुसैन को उस वक्त गोली मार दी गई जब वह सर सैयद हॉल (उत्तर) में अपने छात्रावास के डाइनिंग हॉल में जा रहा था।

पीड़ित ने अस्पताल में पत्रकारों को बताया कि ऐसा प्रतीत होता है कि वह बाहरी तत्वों की गोली का शिकार हुआ है जो हवा में गोलियां चला रहे थे।

उन्होंने कहा कि गोलीबारी में शामिल लोगों में से किसी से उनकी कोई दुश्मनी नहीं है।

एएमयू सूत्रों के मुताबिक गोलीबारी एक व्यक्ति की हाल ही में जेल से रिहाई की खुशी में की गई थी।

संपर्क करने पर एएमयू प्रॉक्टर प्रोफेसर वसीम अली ने ‘पीटीआई-’ को बताया कि सिविल लाइंस थाने में शनिवार को दर्ज की गई प्राथमिकी में दस लोगों के नाम शामिल हैं और इनमें से आठ बाहरी तत्व थे, एएमयू के छात्र नहीं।

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