नयी दिल्ली/बेंगलुरु, छह अप्रैल विदेशी अंशदान विनियमन अधिनियम (एफसीआरए) मामले में पिछले साल 31 दिसंबर को जारी सीबीआई के ‘लुक आउट सर्कुलर’ (एलओसी) के मद्देनजर ‘एमनेस्टी इंटरनेशनल इंडिया’ के प्रमुख आकार पटेल को बुधवार को बेंगलुरु अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर उस वक्त रोक लिया गया जब वह देश से बाहर जा रहे थे।
पटेल ने इस कदम को दिल्ली की एक विशेष अदालत में चुनौती दी है।
अदालत ने पटेल की याचिका पर केन्द्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) से बृहस्पतिवार तक जवाब मांगा है।
मुख्य मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट पवन कुमार ने केन्द्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) को नोटिस जारी कर बृहस्पतिवार तक जवाब मांगा।
पटेल ने 30 मई तक विभिन्न विश्वविद्यालयों द्वारा आयोजित ‘‘अपने विदेशी कार्यक्रम और व्याख्यान श्रृंखला में शामिल होने के लिए’’ अमेरिका जाने के लिए अदालत की अनुमति मांगी है।
पटेल ने आरोप लगाया कि आव्रजन अधिकारियों ने उन्हें आज सुबह बेंगलुरू अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर उस समय रोका जब वह अमेरिका जा रहे थे।
आवेदन में दावा किया गया है कि गुजरात की एक अदालत द्वारा उन्हें अमेरिका की यात्रा करने की अनुमति देने के आदेश के बावजूद यह कार्रवाई की गई।
इससे पूर्व दिन में, पटेल ने कहा कि जब वह बुधवार सुबह केम्पेगौड़ा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे, बेंगलुरु पर बोस्टन जाने के लिए आये, तो आव्रजन अधिकारियों ने उन्हें सीबीआई द्वारा ‘लुकआउट सर्कुलर’ का हवाला देते हुए रोक लिया।
उन्होंने दावा किया कि उन्हें इस बात की जानकारी नहीं थी कि उनके खिलाफ सर्कुलर क्यों जारी किया गया था। उन्होंने कहा कि वह तीन विश्वविद्यालयों में व्याख्यान देने के लिए अमेरिका जाना चाहते थे।
सीबीआई सूत्रों ने कहा कि उनके खिलाफ आरोपपत्र के आधार पर ‘लुक आउट सर्कुलर’ जारी किया गया था।
पटेल ने ‘पीटीआई-’ से कहा, ‘‘मुझे नहीं पता कि मेरे खिलाफ ‘लुकआउट सर्कुलर’ क्यों जारी किया गया है। मुझे इसके बारे में नहीं पता था कि मैं विदेश नहीं जा सकता। मेरी उड़ान छूट गई और अब मैं घर वापस आ गया हूं। उन्होंने (आव्रजन अधिकारियों) ने मुझे जाने नहीं दिया।’’
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