बाराबंकी/चंडीगढ़, दो अप्रैल गैंगस्टर से नेता बने मुख्तार अंसारी को मोहाली की एक अदालत में पेश करने के लिए इस्तेमाल की गई एम्बुलेंस के पंजीकरण नम्बर के दस्तावेज फर्जी पाये जाने के बाद इस संबंध में बाराबंकी कोतवाली थाने में एक मामला दर्ज किया गया है। उत्तर प्रदेश पुलिस ने शुक्रवार को यह जानकारी दी।
इस मुद्दे को लेकर हुए विवाद के बीच पंजाब पुलिस के एक अधिकारी ने स्पष्ट किया कि एक कैदी को चिकित्सा आधार पर एक निजी एम्बुलेंस में ले जाया जा सकता है और इसकी लागत कैदी द्वारा वहन की जानी चाहिए।
पंजाब के मोहाली की एक अदालत में 31 मार्च को बसपा विधायक मुख्तार अंसारी को 2019 के कथित जबरन वसूली के एक मामले में पेश किया गया था।
कड़े सुरक्षा प्रबंधों के बीच अंसारी को एक व्हीलचेयर पर अदालत ले जाया गया था। इसके बाद उसे एंबुलेंस के जरिये पंजाब की रूपनगर जेल ले जाया गया जहां वह जनवरी 2019 से बंद है।
बाराबंकी में एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने शुक्रवार को कहा, ‘‘प्रारंभिक जांच के बाद एंबुलेंस के पंजीकरण के लिए दिया गया नाम और पता गलत पाया गया। इस संबंध में एक प्राथमिकी सहायक सड़क परिवहन अधिकारी (एआरटीओ) द्वारा डॉ अलका राय के खिलाफ दर्ज कराई गई है जिनका नाम एंबुलेंस के पंजीकरण के लिए दिया गया था।’’
उन्होंने बताया कि प्राथमिकी भारतीय दंड संहिता की 420 (जालसाजी), 471 (फर्जी दस्तावेज का वास्तविक रूप से उपयोग करने), 467 (दस्तावेजों की हेराफेरी), 468 (धोखाधड़ी के इरादे से जालसाजी) धाराओं में दर्ज की गई है।
पुलिस अधीक्षक यमुना प्रसाद ने शुक्रवार को बताया कि बीते कई दिनों से मीडिया के माध्यम से एक एंबुलेंस के बारे में सूचना मिल रही थी। उन्होंने बताया कि यह वाहन बाराबंकी परिवहन कार्यालय में पंजीकृत मिला और परिवहन कार्यालय और बाकी संबंधित विभागों से इस एंबुलेंस के संबंध में सूचना इकट्ठा की गई, जिसमें सामने आया कि इस वाहन को पंजीकृत कराने के लिए जो कागजात जैसे मतदाता पहचान पत्र, पैन कार्ड और दूसरे दस्तावेज प्रयोग में लाये गये, वे सभी फर्जी निकले।
प्रसाद के मुताबिक ये दस्तावेज जिस पते पर दर्ज थे वह पता भी नहीं मिला, जिसके बाद मामले में सुसंगत धाराओं के तहत डॉ अलका राय के खिलाफ मामला दर्ज करके छानबीन शुरू की गई है।
हालांकि पंजाब पुलिस के एक अधिकारी ने कहा कि यदि किसी कैदी की कोई चिकित्सीय स्थिति है, तो उसे सुरक्षा प्रभारी द्वारा एक निजी एम्बुलेंस में ले जाया जा सकता है। एंबुलेंस का खर्च कैदी द्वारा वहन किया जाना चाहिए।
उच्चतम न्यायालय ने हाल में पंजाब सरकार को निर्देश दिया था कि वह अंसारी की हिरासत उत्तर प्रदेश पुलिस को दो सप्ताह के भीतर सौंप दे।
पीठ ने अंसारी द्वारा दायर उस याचिका को भी खारिज कर दिया था जिसमें अनुरोध किया गया था कि उत्तर प्रदेश में उनके खिलाफ दर्ज मामलों को राज्य से बाहर किसी अन्य स्थान पर स्थानांतरित कर दिया जाए।
अंसारी की पत्नी ने बुधवार को राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद को पत्र लिखकर आशंका व्यक्त की थी कि उच्चतम न्यायालय के निर्देश के बाद पंजाब से उत्तर प्रदेश लाये जाने के दौरान मुख्तार अंसारी को एक फर्जी मुठभेड़ में मारा जा सकता है।
गाजीपुर से बहुजन समाज पार्टी के सांसद एवं मुख्तार अंसारी के बड़े भाई अफजाल अंसारी ने 'पीटीआई-' से फोन पर बातचीत में आरोप लगाया, ''भाजपा के लिए मुख्तार अंसारी उत्तर प्रदेश के आगामी विधानसभा चुनाव के लिए एजेंडा हो गए हैं।’’
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