देश की खबरें | वामपंथी उग्रवाद वाले क्षेत्रों में सुरक्षा संबंधी व्यय व अवसंरचना के लिए 3481.27 करोड़ रुपये आवंटित

नयी दिल्ली, एक फरवरी केंद्रीय बजट 2025-26 में वामपंथी उग्रवाद प्रभावित (एलडब्ल्यूई) क्षेत्रों में सुरक्षा संबंधी व्यय और विशेष अवसंरचना योजना के लिए 3,481.27 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं।

गौरतलब है कि केंद्र सरकार ने देश में माओवाद की समस्या को समाप्त करने के लिए मार्च 2026 का लक्ष्य तय किया है।

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा शनिवार को पेश किए गए बजट में 3,481.27 करोड़ रुपये की राशि आवंटित की गई है। 2024-25 के बजट में इस मद में 2,463.62 करोड़ रुपये की राशि आवंटित की गई थी।

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के बार-बार दिए गए उन बयानों के मद्देनजर यह आवंटन महत्वपूर्ण माना जा रहा है जिसमें कहा गया है कि नरेन्द्र मोदी सरकार ने मार्च 2026 तक देश से नक्सलवाद को खत्म करने का संकल्प लिया है।

इस साल जनवरी के अंत तक सबसे ज्यादा नक्सल प्रभावित राज्य छत्तीसगढ़ में अलग-अलग मुठभेड़ों में 40 नक्सली मारे गए हैं।

पिछले साल छत्तीसगढ़ में अलग-अलग मुठभेड़ों में सुरक्षा बलों ने 219 नक्सलियों को ढेर कर दिया था।

साल 2024 में ओडिशा में छह माओवादी मारे गए, जबकि आठ गिरफ्तार किए गए और 24 ने आत्मसमर्पण कर दिया।

गृह मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, इस साल अब तक सभी नक्सल प्रभावित राज्यों में 48 नक्सली मारे गए हैं, 2024 में 290 और 2023 में 50 मारे गए थे।

सरकार ने 2019 से नक्सल प्रभावित इलाकों में सुरक्षा बलों के 290 शिविर भी स्थापित किए हैं और 2025 में 88 और शिविर स्थापित करने का प्रस्ताव है।

(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)