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आईएफएससी मुख्यालय गुजरात में रखने को लेकर कांग्रेस-शिवसेना, भाजपा में आरोप-प्रत्यारोप

महाराष्ट्र कांग्रेस के प्रमुख और राजस्व मंत्री बाला साहेब थोराट ने शनिवार को ट्वीट किया, ‘‘केंद्र सरकार का आईएफएससी को गुजरात में स्थापित करने का फैसला निराशाजनक है और यह कदम मुंबई के कद को कम करने के लिए उठाया गया है। केंद्र को अपने इस फैसले पर पुनिर्विचार करना चाहिए।’’

आईएफएससी मुख्यालय गुजरात में रखने को लेकर कांग्रेस-शिवसेना, भाजपा में आरोप-प्रत्यारोप

मुंबई, दो मई केंद्र सरकार के अंतरराष्ट्रीय वित्तीय सेवा केंद्र (आईएफएससी) का मुख्यालय मुंबई के बजाय गुजरात के गांधीनगर में स्थापित करने के फैसले को लेकर विवाद छिड़ गया है। केंद्र के इस फैसले के खिलाफ सत्ताधारी कांग्रेस और शिवसेना तथा विपक्षी दल के बीच आरोप-प्रत्यारोप का सिलसिला शुरू हो गया है।

महाराष्ट्र कांग्रेस के प्रमुख और राजस्व मंत्री बाला साहेब थोराट ने शनिवार को ट्वीट किया, ‘‘केंद्र सरकार का आईएफएससी को गुजरात में स्थापित करने का फैसला निराशाजनक है और यह कदम मुंबई के कद को कम करने के लिए उठाया गया है। केंद्र को अपने इस फैसले पर पुनिर्विचार करना चाहिए।’’

थोराट ने कहा कि मुंबई देश की वित्तीय राजधानी है। उन्होंने इस मुद्दे पर महाराष्ट्र भाजपा नेताओं की चुप्पी पर भी सवाल उठाया।

शिवसेना नेता और उद्योग मंत्री सुभाष देसाई ने कहा कि मुंबई की पहचान दुनिया में वित्तीय ताकत के रूप में है। आईएफएएससी को मुंबई में ही होना चाहिए। मुबई में बीएसई, एनएसई, आरबीआई, सेबी, बैंकों और वित्तीय कंपनियों के मुख्यालय और शीर्ष अंतरराष्ट्रीय कंपनियों के कार्यालय हैं। मुंबई अंतरराष्ट्रीय वित्तीय केंद्र है।

मुंबई दक्षिण के सांसद और शिवसेना नेता अरविंद सावंत ने दावा किया कि उन्होंने केंद्र से आईएफएससी को गुजरात नहीं ले जाने की अपील की थी, लेकिन उनके इस आग्रह को नजरअंदाज किया गया।

स्कूल शिक्षा मंत्री और कांग्रेस नेता वर्षा गायकवाड़ ने ट्वीट किया, ‘‘मुंबई से आईएफएससी गंतव्य बनने का मौका छीन लिया गया। इसकी वजह हमारे प्रधानमंत्री का गुजरात के प्रति पक्षपातपूर्ण लगाव है। प्रधानमंत्री देश का होता है या किसी एक राज्य का?’’

वहीं भारतीय जनता पार्टी के नेता देवेंद्र फडणवीस ने अंतरराष्ट्रीय वित्तीय सेवा केंद्र प्राधिकरण गुजरात के गांधीनगर में स्थापित करने के केंद्र के फैसले का बचाव किया है। उन्होंने कहा कि सिर्फ यही आईएफएससी अभी परिचालन में है।

महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री फडणवीस ने ट्वीट किया, ‘‘कुछ लोगों का काम हर चीज के लिए नरेंद्र मोदी सरकार को दोषी ठहराना है।’’

उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार की एक उच्चस्तरीय समिति ने फरवरी, 2007 में रिपोर्ट सौंपी थी जिसें आईएफएससी के गठन की सिफारिश की गई थी।

उन्होंने कहा कि न तो महाराष्ट्र सरकार ने कोई आधिकारिक प्रस्ताव सौंपा है और न ही केंद्र ने इस पर विचार किया है।

कांग्रेस और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी पर निशाना साधते हुए फडणवीस ने कहा कि गांधीनगर में आईएफएसी के मुख्यालय की घोषणा इसलिए की गई, क्योंकि यह एकमात्र) परिचालन वाला आईएफएससी है। ‘‘अब जो लोग छाती पीट रहे हैं वे 2007 से 2014 तक सत्ता में थे, लेकिन उन्होंने मुंबई आईएफएससी के लिए कुछ नहीं किया।’’

उन्होंने कहा कि जब पहली बार आईएफएससी का विचार आया था तो गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में नरेंद्र मोदी ने इसे अपने राज्य में लाने के लिए काम शुरू किया था। वहीं महाराष्ट्र की कांग्रेस की अगुवाई वाली सरकार ने इसके लिए कोई कदम नहीं उठाया था।

फडणवीस ने कहा कि तत्कालीन वित्त मंत्री अरुण जेटल ने कहा था कि सरकार इस बात पर विचार कर रही है कि क्या दो आईएफएससी हो सकते हैं। उन्होंने दावा किया उनकी अगुवाई वाली महाराष्ट्र सरकार ने इस बारे में एक रिपोर्ट भेजी थी कि कैसे दो आईएफएससी एक साथ काम कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि यह रिपोर्ट अब भी विचारार्थ है।

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(The above story first appeared on LatestLY on May 02, 2020 08:49 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).