देश की खबरें | ‘अखिल अरुणाचल’ समग्र विकास का एकमात्र मंत्र : खांडू

ईटानगर, 10 मई अरुणाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री पेमा खांडू ने मंगलवार को ‘अखिल अरुणाचल’ की अवधारणा पर जोर देते हुए इसे राज्य के समग्र विकास और उसके लोगों के कल्याण का एकमात्र मंत्र करार दिया।

खांडू ने कहा कि राज्य के हर हिस्से और हर जनजाति को ध्यान में रखते हुए सपने देखना और मिलकर काम करना ही आगे बढ़ने का एकमात्र रास्ता है।

एक आधिकारिक विज्ञप्ति के मुताबिक, चांगलांग जिले के जयरामपुर में राज्य के युवा मामलों के विभाग द्वारा आयोजित पहले ‘अरुणाचल युवा समन्वय’ कार्यक्रम के समापन समारोह में खांडू ने कहा कि पहले खुद के और जनजाति के बारे में सोचने की मौजूदा प्रवृत्ति को उलटना जरूरी है।

उन्होंने कहा, “निजी हित को सबसे आगे, फिर आप जिस जनजाति के हैं उसके हित को दूसरे और राज्य के हित को अंतिम पायदान पर रखने की प्रवृत्ति को उलट देना चाहिए। हमें राज्य के हित को पहले, जनजाति के हित को दूसरे और खुद के हित को अंतिम स्थान पर रखना चाहिए। तभी हम एक राज्य के रूप में विकसित हो पाएंगे।”

खांडू ने कहा कि चूंकि, राज्य में कई जनजातियां हैं, जो सांस्कृतिक रूप से बेहद जुदा हैं, इसलिए नीति निर्धारण ‘अखिल अरुणाचल’ की अवधारणा पर आधारित होना चाहिए, ताकि प्रत्येक जनजाति को विकास में बराबर की हिस्सेदारी मिल सके।

उन्होंने कहा कि ‘अखिल अरुणाचल’ की अवधारण हर व्यक्ति, खासकर युवाओं से शुरू होनी चाहिए।

मुख्यमंत्री ने युवाओं से नशे से दूर रहने और इस बुराई को खत्म करने में सरकार की मदद करने की अपील की। उन्होंने राज्य के वनों और वन्य जीवों के संरक्षण का भी आह्वान किया।

खांडू ने कहा, “अरुणाचल की पहली पहचान हमारी अनूठी संस्कृति है। हमारी दूसरी पहचान हमारी हरियाली, हमारा पर्यावरण है। हां, हमें विकास की जरूरत है, लेकिन पर्यावरण की कीमत पर नहीं। दोनों के बीच अच्छा संतुलन बनाए रखने की जिम्मेदारी युवाओं को निभानी चाहिए।”

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