नयी दिल्ली, 12 अप्रैल राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) ने बाहरी दिल्ली के अलीपुर में पेंट की एक फैक्टरी में आग लगने की घटना में जान गंवाने वाले मजदूरों के कानूनी उत्तराधिकारियों को मुआवजा भुगतान किये जाने के संबंध में अधिकारियों से अनुपालन रिपोर्ट मांगी है।
पिछले वर्ष 15 फरवरी को फैक्टरी में लगी आग में 11 लोगों की मौत हो गई थी और चार अन्य घायल हो गए थे।
हरित अधिकरण ने घटना पर स्वत: संज्ञान लेते हुए मृतकों के परिजनों को 20 लाख रुपये मुआवजा देने का निर्देश दिया था।
एनजीटी अध्यक्ष न्यायमूर्ति प्रकाश श्रीवास्तव की अगुवाई वाली तीन न्यायाधीशों की पीठ ने चार अप्रैल को दिए आदेश में कहा कि अधिकरण ने पिछले आदेश में उल्लेख किया था कि मृतकों के कानूनी उत्तराधिकारियों को 10 लाख रुपये का भुगतान किया गया और अधिकारियों को अंतर राशि का भुगतान करने का निर्देश दिया।
पीठ में न्यायिक सदस्य न्यायमूर्ति अरुण कुमार त्यागी और विशेषज्ञ सदस्य अफरोज अहमद भी शामिल थे।
एनजीटी ने कहा कि हालांकि एक मृतक के कानूनी उत्तराधिकारी ने याचिका दायर कर दावा किया कि उसे अंतर राशि नहीं मिली है।
न्यायाधिकरण ने इसके बाद अनुपालन रिपोर्ट दाखिल करने के लिए प्रतिवादियों को नोटिस जारी किया।
मामले में प्रतिवादी केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति के सदस्य सचिव, दिल्ली के औद्योगिक सुरक्षा एवं स्वास्थ्य विभाग के निदेशक और उत्तरी दिल्ली के जिलाधिकारी हैं।
मामले की अगली सुनवाई 11 जुलाई को होगी।
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