जरुरी जानकारी | एयर इंडिया के साथ एयरएशिया इंडिया, विस्तार को मिलाने पर विचार कर रही है टाटा

मुंबई, 21 सितंबर टाटा समूह ने एयर इंडिया के साथ एयरएशिया इंडिया और विस्तार को मिलाने के विकल्प का मूल्यांकन करने के लिए एक कवायद शुरू की है। सूत्रों ने कहा कि तीनों एयरलाइन के बीच बेहतर परिचालन तालमेल कायम करने के लिए यह फैसला किया गया है।

पूरे घटनाक्रम से परिचित सूत्रों ने बताया कि कंपनी के परिचालन निदेशक आर एस संधू के नेतृत्व में एक दल का गठन किया गया है। टाटा समूह ने पिछले साल अक्टूबर में 18,000 करोड़ रुपये में एयर इंडिया का अधिग्रहण किया था।

उन्होंने कहा कि यह दल एयर इंडिया एक्सप्रेस और एयरएशिया इंडिया के साथ ही एयर इंडिया और विस्तार के बीच संचालन तालमेल बढ़ाने के लिए मूल्यांकन करेगा।

एक सूत्र ने कहा, ‘‘एयर इंडिया के सीईओ और प्रबंध निदेशक कैंपबेल विल्सन ने इस दल का गठन किया है। यह दल एयर इंडिया एक्सप्रेस और एयरएशिया इंडिया तथा एयर इंडिया और विस्तार के बीच बेहतर तालमेल कायम करने के उपायों और विलय के लक्ष्य को हासिल करने के बारे में विचार करेगा।’’

सूत्र ने कहा कि दल को एक साल के भीतर अपनी योजना सौंपने को कहा गया है।

माना जा रहा है कि समूह की योजना एक साल में एयरएशिया इंडिया को एयर इंडिया एक्सप्रेस में मिलाने की है। समूह के सभी एयरलाइन कारोबार को 2024 तक एयर इंडिया के तहत लाने का लक्ष्य है।

इस बारे में टिप्पणी के लिए टाटा संस को भेजे गए ई-मेल का कोई जवाब नहीं मिला।

टाटा समूह ने इस साल जनवरी में सरकार से एयर इंडिया और इसकी किफायती अंतरराष्ट्रीय इकाई एयर इंडिया एक्सप्रेस का नियंत्रण ले लिया था।

इसके अलावा एयरएशिया इंडिया में उसकी 83.67 प्रतिशत हिस्सेदारी है। शेष 16.33 प्रतिशत हिस्सेदारी मलेशियाई समूह एयरएशिया के पास है।

विस्तार में टाटा संस की हिस्सेदारी 51 प्रतिशत और बाकी 49 प्रतिशत हिस्सेदारी सिंगापुर एयरलाइंस के पास है।

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