Bird Flu Alert in Karnataka: कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु के बाहरी इलाके हेसरघट्टा (Hesaraghatta) के पास मथिकुरु गांव में 'H5N1 एवियन इन्फ्लुएंजा' यानी बर्ड फ्लू के फैलने की पुष्टि हुई है. भोपाल स्थित राष्ट्रीय उच्च सुरक्षा पशुरोग संस्थान (NIHSAD) की रिपोर्ट के बाद कर्नाटक सरकार ने तत्काल प्रभाव से इमरजेंसी कंटेनमेंट उपाय लागू कर दिए हैं. राहत की बात यह है कि राज्य में अब तक किसी भी इंसान के इस वायरस से संक्रमित होने की खबर नहीं है.
प्रशासन की कार्रवाई और निगरानी
बर्ड फ्लू का मामला सामने आते ही पशुपालन और स्वास्थ्य विभाग की रैपिड रिस्पांस टीमें (RRT) सक्रिय हो गई हैं. अब तक उठाए गए प्रमुख कदम निम्नलिखित हैं: यह भी पढ़े: Bird Flu in Andhra Pradesh: आंध्र प्रदेश में ‘बर्ड फ्लू’ का कहर, 2 दिनों में 90 पक्षियों की मौत के बाद हाई अलर्ट; सरकार ने बनाए कंटेनमेंट जोन
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पक्षियों का निष्पादन: संक्रमण को रोकने के लिए 7,444 पक्षियों, 14,788 अंडों और 2,250 किलोग्राम पोल्ट्री फीड को वैज्ञानिक तरीके से नष्ट कर दिया गया है.
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कंटेनमेंट जोन: मथिकुरु गांव के 3 किमी के दायरे को 'संक्रमित क्षेत्र' और 10 किमी के दायरे को 'निगरानी क्षेत्र' घोषित किया गया है.
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डोर-टू-डोर स्क्रीनिंग: स्वास्थ्य कार्यकर्ता अगले 10 दिनों तक आसपास के 19 गांवों के निवासियों की घर-घर जाकर जांच करेंगे ताकि किसी भी संदिग्ध लक्षण की पहचान की जा सके.
इंसानों में बर्ड फ्लू के प्रमुख लक्षण
H5N1 वायरस आमतौर पर पक्षियों से इंसानों में सीधा संपर्क होने पर फैलता है. यदि आपको या आपके आसपास किसी को निम्नलिखित लक्षण दिखें, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें:
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38°C (100.4°F) से अधिक तेज बुखार.
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लगातार खांसी और गले में खराश.
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मांसपेशियों में तेज दर्द और अत्यधिक थकान.
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सांस लेने में कठिनाई या सीने में दर्द.
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आंखों में संक्रमण (Conjunctivitis) या लालिमा.
बचाव के उपाय और सावधानियां
कर्नाटक के स्वास्थ्य मंत्री दिनेश गुंडू राव ने जनता से अपील की है कि वे घबराएं नहीं, बल्कि सुरक्षा नियमों का पालन करें:
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सीधे संपर्क से बचें: बीमार या मृत पक्षियों (जंगली या पालतू) को हाथ न लगाएं.
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साफ-सफाई का ध्यान: कच्चे मांस को छूने के बाद अपने हाथों को कम से कम 20 सेकंड तक साबुन और पानी से अच्छी तरह धोएं.
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पूरी तरह पका हुआ भोजन: अच्छी तरह पका हुआ चिकन और अंडे खाने के लिए पूरी तरह सुरक्षित हैं. सुनिश्चित करें कि मांस को कम से कम 74°C के तापमान पर पकाया गया हो.
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रिपोर्ट करें: यदि आपके इलाके में असामान्य संख्या में पक्षियों की मौत होती है, तो तुरंत स्थानीय पशु चिकित्सा अधिकारियों को सूचित करें.
वर्तमान स्थिति
भारत में पिछले कुछ वर्षों में बर्ड फ्लू के कई मामले सामने आए हैं, लेकिन इंसानों में इसका संक्रमण बहुत दुर्लभ रहा है. वर्तमान में कर्नाटक सरकार ने प्रभावित क्षेत्रों के अस्पतालों को हाई अलर्ट पर रखा है और दवाइयों (जैसे ओसेल्टामिविर/Oseltamivir) एवं पीपीई किट का पर्याप्त स्टॉक सुनिश्चित किया है. सरकार का कहना है कि स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है और निगरानी लगातार जारी है.













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