इंटरनेट पर लोकप्रिय अभिनेत्रियों के कथित निजी वीडियो या संवेदनशील कंटेंट खोजना यूजर्स के लिए बेहद खतरनाक साबित हो रहा है. साइबर सुरक्षा विशेषज्ञों ने हाल ही में 'अन्वेषी जैन' जैसी मशहूर हस्तियों के नाम का उपयोग कर चलाए जा रहे एक बड़े डिजिटल स्कैम को लेकर अलर्ट जारी किया है. रिपोर्टों के अनुसार, सर्च इंजन और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर "अन्वेषी जैन लीक वीडियो" या इसी तरह के कीवर्ड्स के जरिए यूजर्स को ऐसी फर्जी वेबसाइट्स पर रीडायरेक्ट किया जा रहा है, जो उनके स्मार्टफोन और कंप्यूटर की सुरक्षा में सेंध लगाकर सीधे बैंक खातों को निशाना बना रही हैं.
कैसे काम करता है यह पूरा साइबर जाल?
साइबर अपराधियों का यह नेटवर्क पूरी तरह से यूजर्स की उत्सुकता और असावधानी पर काम करता है. जब कोई यूजर इंटरनेट पर ऐसे वीडियो की तलाश करता है, तो उसे कुछ लिंक दिखाई देते हैं जो मुफ्त डाउनलोड या विशेष वीडियो एक्सेस का दावा करते हैं. इन लिंक्स पर क्लिक करते ही यूजर एक असुरक्षित और संदिग्ध वेबसाइट पर पहुंच जाता है. यहां वीडियो प्ले करने के बहाने यूजर से कुछ फाइल्स डाउनलोड करने या किसी थर्ड-पार्टी ऐप को इंस्टॉल करने के लिए कहा जाता है, जो वास्तव में एक खतरनाक वायरस होता है.
वित्तीय नुकसान और मैलवेयर का गंभीर खतरा
सुरक्षा विशेषज्ञों के मुताबिक, इन फर्जी लिंक्स के जरिए यूजर्स के डिवाइस में 'मैलवेयर' (Malware - एक प्रकार का हानिकारक सॉफ्टवेयर) या 'ट्रोजन' वायरस चुपके से इंस्टॉल कर दिया जाता है. यह वायरस बैकग्राउंड में काम करते हुए यूजर के फोन की संवेदनशील जानकारियां जैसे नेट बैंकिंग पासवर्ड, क्रेडिट कार्ड डिटेल्स, यूपीआई पिन और पर्सनल ओटीपी (OTP) को हैकर्स तक पहुंचा देता है. कई मामलों में, इन लिंक्स पर क्लिक करने के बाद यूजर के खाते से बिना उनकी जानकारी के बड़ी रकम साफ होने के मामले भी सामने आए हैं.
'फिशिंग' और सब्सक्रिप्शन स्कैम का नया तरीका
इस स्कैम का एक और खतरनाक पहलू 'फिशिंग' (Phishing) पेज हैं. वीडियो दिखाने के नाम पर यूजर्स के सामने एक पॉप-अप विंडो खुलती है, जिसमें उम्र की पुष्टि (Age Verification) करने के लिए या सिर्फ 1 रुपये या 5 रुपये का मामूली भुगतान करने के लिए कहा जाता है. जैसे ही यूजर अपना कार्ड नंबर या यूपीआई आईडी वहां दर्ज करता है, वह पेज हैकर्स के सर्वर पर डेटा सेव कर लेता है. इसके बाद, यूजर्स के खातों से उनकी अनुमति के बिना बार-बार बड़ी रकम इंटरनेशनल पेमेंट्स या प्रीमियम सब्सक्रिप्शन के नाम पर काट ली जाती है.
पृष्ठभूमि: साइबर अपराधियों के लिए सॉफ्ट टारगेट हैं सेलिब्रिटीज
मनोरंजन उद्योग से जुड़े कलाकारों, विशेष रूप से ओटीटी (OTT) प्लेटफॉर्म्स के जरिए चर्चा में रहने वाले चेहरों के नाम का इस्तेमाल करना साइबर ठगों का एक पुराना हथकंडा रहा है. अन्वेषी जैन जैसी अभिनेत्रियों की इंटरनेट पर भारी सर्च वॉल्यूम का फायदा उठाकर हैकर्स सर्च इंजन ऑप्टिमाइजेशन (SEO) तकनीकों का इस्तेमाल करते हैं. इससे उनकी फर्जी और हानिकारक वेबसाइट्स गूगल सर्च में ऊपर दिखाई देने लगती हैं, और आम इंटरनेट यूजर्स अनजाने में इनके झांसे में आ जाते हैं.
साइबर पुलिस की सलाह और बचाव के उपाय
इस बढ़ते खतरे को देखते हुए केंद्रीय और राज्य साइबर सुरक्षा एजेंसियों ने इंटरनेट यूजर्स के लिए कड़े दिशा-निर्देश जारी किए हैं. पुलिस का कहना है कि किसी भी अनजान लिंक, विशेष रूप से जो मुफ्त में प्रतिबंधित या निजी कंटेंट देने का वादा करते हैं, उन पर भूलकर भी क्लिक न करें. अपने डिवाइस में हमेशा एक भरोसेमंद एंटी-वायरस रखें और किसी भी अनजान वेबसाइट को अपने फोन के मैसेज, गैलरी या बैंकिंग ऐप्स को एक्सेस करने की अनुमति (Permissions) न दें. यदि कोई यूजर इस तरह की धोखाधड़ी का शिकार होता है, तो उसे तुरंत राष्ट्रीय साइबर अपराध पोर्टल (cybercrime.gov.in) पर अपनी शिकायत दर्ज करानी चाहिए.












QuickLY