कोलकाता, एक जून अखिल भारतीय फुटबाल महासंघ (एआईएफएफ) ने यहां के बड़े फुटबॉल क्लब ईस्ट बंगाल (ईबी) से क्वेस कॉर्पोरेशन के अलग होने के बाद क्लब की स्थिति और स्वामित्व संरचना में बदलाव के बारे में सूचना देने को कहा है।
एआईएफएफ ने कहा कि यह एएफसी (एशियाई फुटबॉल परिसंघ) क्लब लाइसेंस के मानदंड को पूरा करने के लिए जरूरी है।
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बेंगलुरु की यह कंपनी जुलाई 2018 में इस क्लब से जुड़ी थी जिसके बाद इसे क्वेस ईस्ट बंगाल फुटबॉल क्लब प्राइवेट लिमिटेड के नाम से जाना जाता था। क्वेस कॉर्प के पास कंपनी का 70 फीसदी हिस्सेदारी है।
अभी ये देखना होगा कि क्या क्वेस ईस्ट बंगाल एफसी में अपनी हिस्सेदारी कम करेगा या फुटबॉल से जुड़े अधिकार फिर से ईबी को स्थानांतरित कर दिये जाएंगे या कंपनी घाटे की वसूली की उम्मीद में अपनी हिस्सेदारी को बरकरार रखेगी।
ईस्ट बंगाल को 2020-21 सत्र के लिए एएफसी क्लब लाइसेंस हासिल करने के लिए स्वामित्व के बारे में वैध घोषणा करनी होगी।
क्लब के अधिकारी ने पीटीआई को बताया, ‘‘ हमने अध्यक्ष (क्वेस) के पास पत्र भेजा है। हमें जवाब का इंतजार है। हमारे कानूनी सलाहकार इस पर नजर रखे हुए हैं।’’
ईस्ट बंगाल और क्वेस के बीच शुरू से ही विवाद रहा है।
ईस्ट बंगाल की टीम इस साल आई-लीग में अपने चिर प्रतिद्वंद्वी मोहन बागान के बाद दूसरे स्थान पर रही।
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