एआईबीए ने मेजबानी पर जल्दबाजी में फैसला किया : भारतीय मुक्केबाजी महासंघ
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नयी दिल्ली, 29 अप्रैल भारतीय मुक्केबाजी महासंघ (बीएफआई) ने 2021 में होने वाली पुरुष विश्व चैंपियनशिप के मेजबानी अधिकार वापस लिये जाने के बाद कहा कि अंतरराष्ट्रीय मुक्केबाजी संघ (एआईबीए) ने जल्दबाजी में यह फैसला किया।

एआईबीए ने सोमवार की रात बयान जारी करके कहा कि मेजबानी शुल्क जमा नहीं करने के कारण अब यह चैंपियनशिप भारत की बजाय सर्बिया की राजधानी बेलग्रेड में आयोजित की जाएगी। भारत को 2017 में इसकी मेजबानी सौंपी गयी थी।

भारतीय मुक्केबाजी महासंघ ने स्वीकार किया कि विलंब हुआ है लेकिन कहा कि पैसा किस खाते में भेजना है , इसे लेकर मसले सुलझाने में एआईबीए के नाकाम रहने के कारण यह प्रक्रियागत पेचीदगियां पैदा हुई ।

करीब 40 लाख डॉलर का यह भुगतान पिछले साल दो दिसंबर को होना था। भारत में यह टूर्नामेंट पहली बार होने वाला था ।

एआईबीए ने एक बयान में कहा ,‘‘ भारत मेजबान शहर अनुबंध के नियमों के तहत मेजबानी शुल्क नहीं भर सका जिससे एआईबीए ने करार तोड़ दिया । भारत को अब करार रद्द होने के कारण 500 डॉलर का जुर्माना भरना होगा।’’

एआईबीए को अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक समिति ने वित्तीय कुप्रबंधन के कारण निलंबित कर रखा है।

भारतीय मुक्केबाजी महासंघ ने एक बयान में कहा ,‘‘ लुसाने में एआईबीए के खाते बंद कर दिये गए हैं । सर्बिया में एक खाते के जरिये उसे कुछ पिछले भुगतान करने थे । सर्बिया ‘फाइनेंशियल एक्शन टास्क फोर्स’ (एफएटीएफ देशों) की काली सूची में आता है तो भारतीय बैंक आम तौर पर वहां पैसा नहीं भेजते । एआईबीए इस मसले को सुलझा नहीं सका ।’’

इसमें कहा गया ,‘‘ यह फैसला हमसे मशविरा किये बिना जल्दबाजी में लिया गया है । जुर्माना लगाये जाने से हम स्तब्ध हैं । हम मिलकर इसका समाधान निकालेंगे । उम्मीद है कि भविष्य में इसकी मेजबानी करेंगे ।’’

एआईबीए के अंतरिम अध्यक्ष मोहम्मद मुस्ताहसेन ने कहा ,‘‘ सर्बिया खिलाड़ियों, कोचों, अधिकारियों और प्रशंसकों के लिये हर तरह से बेहतरीन आयोजन में सक्षम है । ’’

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