देश की खबरें | सनातन को लेकर अपना रुख स्पष्ट करे अन्नाद्रमुक : उदयनिधि स्टालिन

चेन्नई, नौ सितंबर द्रविड़ मुनेत्र कषगम (द्रमुक) के नेता और तमिलनाडु के युवा कल्याण एवं खेल मंत्री उदयनिधि स्टालिन ने शनिवार को प्रमुख विपक्षी दल अन्नाद्रमुक से सनातन धर्म पर रुख स्पष्ट करने की मांग करते हुए कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री और द्रविड़ आंदोलन के नेता सी एन अन्नादुरई ने इसका (सनातन का) कड़ा विरोध किया था।

उदयनिधि ने कहा कि उन्होंने सनातन को लेकर ऐसा कुछ भी नहीं बोला है, जो पेरियार ई वी रामासामी, बी आर आम्बेडकर और अन्नादुराई ने नहीं कहा हो।

द्रमुक नेता ने कहा कि सनातन को लेकर उनके विचार केवल ऐसे दिग्गजों की सुधारवादी, सामाजिक न्याय विचारधारा को दर्शाते हैं।

उदयनिधि स्टालिन ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर फर्जी खबरें फैलाने का आरोप लगाते हुए कहा कि वह तमिलनाडु के प्रमुख विपक्षी दल और भाजपा की सहयोगी ऑल इंडिया अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कषगम (अन्नाद्रमुक) का सनातन को लेकर रुख जानना चाहते हैं।

उदयनिधि स्टालिन ने यहां संवाददाताओं से कहा, ‘‘ उनकी पार्टी के नाम में अन्ना का नाम है और अन्ना से ज्यादा सनातन के खिलाफ किसी ने नहीं बोला और मैं इसे लेकर उनका (अन्नाद्रमुक) का रुख जानना चाहता हूं, यदि आप अन्नाद्रमुक नेताओं से मिलते हैं तो कृपया उनके विचार पूछें।’’

अन्नाद्रमुक प्रमुख और पूर्व मुख्यमंत्री ई के पलानीस्वामी ने कुछ दिन पहले कहा था कि उदयनिधि की सनातन को लेकर की गयी टिप्पणी एक नाटक है और यह लोगों का कई वास्तविक मुद्दों से ध्यान हटाने की रणनीति थी।

अन्नाद्रमुक के वरिष्ठ नेता डी जयकुमार ने कहा था कि सभी धर्मों का सम्मान किया जाना चाहिए और किसी धर्म को बदनाम करना गलत है।

तमिलनाडु के युवा कल्याण एवं खेल मंत्री उदयनिधि ने दो सितंबर को चेन्नई में आयोजित एक कार्यक्रम में सनातन धर्म को लेकर विवादित टिप्पणी की थी। उन्होंने सनातन धर्म की तुलना कोरोना वायरस संक्रमण, डेंगू और मलेरिया से करते हुए इसे खत्म किए जाने की वकालत की थी।

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