देश की खबरें | कल्लाकुरिची को लेकर ‘धरने’ के बाद अन्नाद्रमुक विधायक विस से बाहर किये गए

चेन्नई, 21 जून कल्लाकुरिची जहरीली शराब घटना के खिलाफ धरना दे रहे विपक्ष के नेता ई. के. पलानीस्वामी और अखिल भारतीय अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कषगम (अन्नाद्रमुक) के अन्य सदस्यों को शुक्रवार को तमिलनाडु विधानसभा से सामूहिक रूप से बाहर निकाल दिया गया। जहरीली शराब मामले में मरने वालों की संख्या बढ़कर 47 हो गई है।

तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम. के. स्टालिन ने अन्नाद्रमुक पर 'नाटक' करने और भ्रम पैदा करने का आरोप लगाया तथा विपक्ष से इस गंभीर घटना से राजनीतिक लाभ नहीं लेने की अपील की।

सदन की कार्यवाही शुरू होते ही विपक्ष के नेता (एलओपी) पलानीस्वामी के नेतृत्व में अन्नाद्रमुक विधायक खड़े हो गए और नारे लगाने लगे तथा कल्लाकुरिची घटना को उठाने के लिए अध्यक्ष की अनुमति मांगने लगे। शोरगुल के बीच, विधानसभा अध्यक्ष एम. अप्पावु ने सदन के नियमों का हवाला देते हुए उनसे बार-बार अपनी सीटों पर बैठने की अपील की। लेकिन विपक्षी सदस्य अडिग रहे और आसन के सामने एकत्र हो गए।

पलानीस्वामी और कई अन्य विधायक आसन के ठीक सामने फर्श पर बैठ गए। इसके बाद विधानसभा अध्यक्ष अप्पावु के निर्देश के बाद मार्शल ने आर बी उदयकुमार समेत कुछ विधायकों को बाहर निकाल दिया।

विधानसभा अध्यक्ष ने फैसला सुनाया कि मुख्य विपक्षी पार्टी के विधायक आज कार्यवाही में शामिल नहीं हो सकते, लेकिन स्टालिन की अपील के बाद उन्होंने अपना फैसला वापस ले लिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि उनके साथ ही दिवंगत पूर्व मुख्यमंत्री एम करुणानिधि भी इस बात पर दृढ़ संकल्पित थे कि सदन की कार्यवाही लोकतांत्रिक तरीके से होनी चाहिए और मुख्य विपक्षी दल के सदस्यों को कार्यवाही में हिस्सा लेना चाहिए। हालांकि, अन्नाद्रमुक विधायक कार्यवाही में हिस्सा लेने के लिए तत्काल सदन में नहीं लौटे।

स्टालिन ने कहा कि दिसंबर 2001 में (जब अन्नाद्रमुक सत्ता में थी) कुड्डालोर जिले में भी ऐसी ही घटना हुई थी, जिसमें 52 लोगों की जान चली गई थी और 200 से ज़्यादा लोग प्रभावित हुए थे। उन्होंने कहा, "मैंने कड़ी कार्रवाई का आदेश दिया है। उस समय (2001) उचित कार्रवाई नहीं की गई थी।"

उन्होंने कहा कि सदस्यों द्वारा उस घटना का ज़िक्र किए जाने के डर से "उन्होंने (अन्नाद्रमुक ने) नाटक किया है।"

मुख्यमंत्री स्टालिन ने कहा कि विपक्षी विधायकों का व्यवहार सदन के नियमों और परंपरा के खिलाफ था। उन्होंने भ्रम पैदा करने का प्रयास किया और उन्हें बाहर निकाल दिया गया। उन्होंने कहा कि पलानीस्वामी मुख्यमंत्री रह चुके हैं और अन्य लोग मंत्री रह चुके हैं, उन्हें इस तरह के व्यवहार से बचना चाहिए था।

बाहर निकाले गए अन्नाद्रमुक सदस्यों में पूर्व मुख्यमंत्री ओ पन्नीरसेल्वम (ओपीएस) के समर्थक शामिल नहीं थे। विपक्षी विधायकों के हंगामे पर सदन के नेता दुरईमुरुगन ने कहा कि यह विपक्ष के नेता के नेतृत्व में और अन्नाद्रमुक विधायकों द्वारा एक अवांछनीय घटना थी और यह खेदजनक है।

वरिष्ठ मंत्री दुरईमुरुगन ने कहा कि विपक्षी विधायकों को मुद्दे उठाने और बहस करने का अधिकार है। उन्होंने कहा कि हालांकि, यह सदन के नियमों के अनुरूप होना चाहिए और प्रश्नकाल बहुत महत्वपूर्ण है और उस दौरान आरोप नहीं लगाए जाने चाहिए।

बाद में मीडिया को संबोधित करते हुए पलानीस्वामी ने कहा कि वह कल्लाकुरिची शराब त्रासदी को उजागर करना चाहते थे, जिसके बारे में उन्होंने कहा कि इसमें "50 लोगों की मौत हो गई है।"

उन्होंने विधायकों को सदन से बाहर किये जाने को "लोकतंत्र की हत्या" बताया। कल्लाकुरिची शराब त्रासदी पर कई विधायकों द्वारा पेश किए गए ध्यानाकर्षण प्रस्ताव का जवाब देते हुए स्टालिन ने 19 जून, 2024 को 'मेथनॉल मिश्रित ज़हरीली शराब' पीने से कल्लाकुरिची जिले में 47 लोगों की मौत पर दुख व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि विपक्ष के नेता अपने विचार व्यक्त करने के लिए सदन में रुक सकते थे।

उन्होंने कहा, "हालांकि, ऐसा किए बिना, ऐसे महत्वपूर्ण मुद्दे पर, वह राजनीतिक कारणों से अपने पार्टी सदस्यों के साथ चले गए।"

स्टालिन ने कहा, "मैं समस्याओं से भागने और छिपने वाला व्यक्ति नहीं हूं। मैंने की गई कार्रवाई की सूची दी है। मैंने अपराधियों को गिरफ्तार किये जाने के बाद ही आपको जवाब दिया है। मैं अपराधियों पर सख्ती से लगाम लगा रहा हूं।"

मुख्यमंत्री ने कहा, "मेरे पास अन्नाद्रमुक शासन के दौरान अवैध आसव से हुई मौतों की सूची है। मैं उस पर राजनीति करना पसंद नहीं करता।"

साथ ही, उन्होंने विपक्ष से इस गंभीर घटना का इस्तेमाल कर राजनीतिक लाभ न लेने की अपील की। उन्होंने लोगों को असामाजिक तत्वों से बचाने के लिए कड़ी कार्रवाई का आश्वासन दिया।

उन्होंने उठाये गए कदमों का उल्लेख किया जिसमें चिकित्सा देखभाल में तेजी लाने के उपाय करना, चार लोगों की गिरफ्तारी, मेथनॉल की जब्ती शामिल है। उन्होंने कहा कि चाहे कोई भी हो, अगर वे जहरीली शराब त्रासदी से जुड़े हैं, तो उन्हें सजा दिलाई जाएगी।

उन्होंने कहा कि मई 2021 में सत्ता संभालने के बाद, द्रविड़ मुनेत्र कषगम (द्रमुक) शासन में, अब तक अवैध आसव के संबंध में 4.61 लाख लोगों को गिरफ्तार किया गया है और 4.63 लाख मामले दर्ज किए गए हैं। उन्होंने कहा कि साथ ही, 16.51 लाख लीटर अवैध आसव जब्त करके नष्ट कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि गुंडा अधिनियम के तहत 565 लोगों को हिरासत में लिया गया है।

स्टालिन ने कहा, "यह बहुत दुखद है कि इतने कड़े नियमों के बावजूद ऐसी अवांछनीय घटनाएं होती हैं। अवैध शराब को पूरी तरह खत्म करने के लिए कदम उठाए जाएंगे। यह सरकार प्रभावित लोगों को हरसंभव मदद मुहैया कराएगी।"

स्टालिन ने प्रत्येक प्रभावित परिवार को 10 लाख रुपये की सहायता राशि के अलावा मृतक के परिजनों को अतिरिक्त राहत उपायों की भी रूपरेखा पेश की। ऐसे उपायों में उन बच्चों के नाम पर 5 लाख रुपये की सावधि जमा शामिल है, जिन्होंने अपने माता-पिता, दोनों को खो दिया है।

उन्होंने कहा, "जब वे 18 वर्ष की आयु पूरी कर लेंगे, तो उन्हें ब्याज सहित राशि प्रदान की जाएगी।"

पन्नीरसेल्वम के समर्थकों को छोड़कर, पलानीस्वामी सहित अन्नाद्रमुक के अन्य सदस्य और पीएमके विधायक काली शर्ट में देखे गए। जब अन्नाद्रमुक सदस्यों को सदन से बाहर निकाला गया, तब स्टालिन सदन में मौजूद नहीं थे।

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