देश की खबरें | एआई-समर्थित स्तन कैंसर स्क्रीनिंग में अधिक कैंसर मरीज पाए गए, रेडियोलॉजिस्ट का बोझ कम हुआ: अध्ययन

नयी दिल्ली, दो अगस्त मानक स्क्रीनिंग की तुलना में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) द्वारा समर्थित मैमोग्राफी स्क्रीनिंग से स्तन कैंसर के ज्यादा मरीजों का पता चला तथा इससे विकिरण चिकित्सकों (रेडियोलॉजिस्ट) के स्क्रीनिंग रीडिंग का कार्यभार लगभग आधा हो गया। 'द लांसेट ऑन्कोलॉजी' जर्नल में प्रकाशित एक नये शोध में यह जानकारी सामने आयी है।

स्वीडन के लुंड विश्वविद्यालय के नेतृत्व में किए गए अध्ययन से पता चला कि स्तन कैंसर की जांच के लिये एआई-समर्थित मैमोग्राफी, मानक डबल स्क्रीनिंग के विकल्प के रूप में ज्यादा सटीक, सुरक्षित और कुशल है।

शोध में अध्ययन के लिये लगभग 80,000 महिलाओं को शामिल किया गया तथा उन्हें दो अलग-अलग समूहों में बांट दिया गया। 40,003 महिलाओं के एक समूह को एआई-समर्थित स्क्रीनिंग तथा 40,030 महिलाओं के दूसरे समूह को मानक स्क्रीनिंग प्रक्रिया से गुजारा गया।

शोध में एआई-समर्थित स्क्रीनिंग से 244 महिलाओं (28 फीसदी) में कैंसर पाया गया, जबकि मानक स्क्रीनिंग से 203 महिलाओं (25 फीसदी) में कैंसर का पता चला। शोध के परिणामस्वरूप एआई समर्थित स्क्रीनिंग से कैंसर के 41 अधिक मरीजों का पता चला।

विश्वविद्यालय में डायग्नोस्टिक रेडियोलॉजी में प्रमुख शोधकर्ता और सहायक प्रोफेसर क्रिस्टीना लैंग ने कहा, "हमने पाया कि एआई का उपयोग करने से मानक स्क्रीनिंग की तुलना में फाल्स पॉजिटिव को प्रभावित किए बिना 20 फीसदी (41) अधिक कैंसर मरीजों का पता चला। स्क्रीनिंग में फाल्स पॉजिटिव तब होता है जब एक महिला को फिर से बुलाया जाता है लेकिन स्क्रीनिंग के बाद उसे कैंसर के संदेह से मुक्त कर दिया जाता है।"

शोधकर्ताओं ने कहा कि दोनों अध्ययन में फाल्स पॉजिटिव दर डेढ़ फीसदी थी। इसके अलावा, रेडियोलॉजिस्ट के लिए स्क्रीन-रीडिंग कार्यभार में 44 फीसदी की कमी पाई गई। अध्ययन में एआई-समर्थित स्क्रीनिंग, मानक स्क्रीनिंग 83,231 की तुलना में 46,345 थी।

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