Air India Plane Crash: ईंधन जलने से लगी भयानक आग ने बचाव अभियान को बेहद कठिन बना दिया, आसपास का तापमान लगभग 1,000 डिग्री सेल्सियस तक पंहुचा
एअर इंडिया के दुर्घटनाग्रस्त विमान के अंदर और आसपास का तापमान लगभग 1,000 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया, जिससे बचाव अभियान बेहद मुश्किल हो गया. अधिकारियों ने बृहस्पतिवार रात यह बात कही. अधिकारियों ने बताया कि दुर्घटनास्थल पर मौजूद कुत्ते और पक्षी भी बच नहीं सके.
अहमदाबाद, 13 जून : एअर इंडिया के दुर्घटनाग्रस्त विमान के अंदर और आसपास का तापमान लगभग 1,000 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया, जिससे बचाव अभियान बेहद मुश्किल हो गया. अधिकारियों ने बृहस्पतिवार रात यह बात कही. अधिकारियों ने बताया कि दुर्घटनास्थल पर मौजूद कुत्ते और पक्षी भी बच नहीं सके. लंदन के गैटविक जा रहा एअर इंडिया का विमान बृहस्पतिवार दोपहर अहमदाबाद हवाई अड्डे से उड़ान भरने के कुछ ही मिनट बाद एक आवासीय इलाके में दुर्घटनाग्रस्त हो गया. विमान में दो पायलट और चालक दल के 10 सदस्य सहित 242 लोग सवार थे. दुर्घटनास्थल का दौरा करने वाले केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने संवाददाताओं से कहा, “विमान के अंदर 1.25 लाख लीटर ईंधन था. विमान गर्म हो गया था, इसलिए किसी को भी बचाने की गुंजाइश नहीं थी.”
राज्य आपदा मोचन बल (एसडीआरएफ) के एक अधिकारी ने बताया कि एसडीआरएफ कर्मी दोपहर दो से ढाई बजे के बीच बीजे मेडिकल कॉलेज के चिकित्सकों और कर्मचारियों के छात्रावास एवं आवासीय क्वार्टर पर पहुंचे, जहां विमान दुर्घटनाग्रस्त हुआ था. उन्होंने बताया कि इससे पहले स्थानीय लोगों ने कुछ लोगों को जीवित बाहर निकाला था, लेकिन उनकी टीम को कोई भी जिंदा नहीं मिला. दमकल विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, “जैसे ही (विमान का ईंधन) टैंक फटा, आग की लपटें उठने लगीं और कुछ ही समय में तापमान 1,000 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया. इससे किसी के लिए बचने की कोई गुंजाइश नहीं रही.” यह ही पढ़ें : Ahmedabad Plane Crash: ‘दुख की घड़ी में हैं भारत के साथ’, अहमदाबाद में हुए विमान हादसे पर दुनिया भर के नेताओं ने जताया शोक
साल 2017 में एसडीआरएफ में शामिल हुए एक कर्मी ने कहा कि उसने पहले भी कई दुर्घटनाओं और आपदाओं के दौरान काम किया है, लेकिन ऐसी आपदा कभी नहीं देखी.
एसडीआरएफ कर्मी ने कहा, “हम यहां पीपीई किट के साथ आए थे, लेकिन तापमान इतना अधिक था कि अभियान बेहद मुश्किल हो गया. हर जगह मलबा था. इसलिए हमें पहले से ही सुलग रहे मलबे को हटाना पड़ा.” एक अधिकारी ने नाम न जाहिर करने की शर्त पर बताया कि उनकी टीम ने मलबे से बच्चों सहित 25 से 30 लोगों के शव निकाले. उन्होंने कहा, “शवों की शिनाख्त के लिए डीएनए जांच करनी होगी.” एसडीआरएफ के एक अन्य अधिकारी ने दावा किया कि उन्होंने याद नहीं कि उन्होंने कितने शव निकाले. अधिकारी ने आवासीय परिसर में कुत्तों और पक्षियों के शव मिलने की जानकारी दी. उन्होंने कहा, “यह (हादसा) इतनी जल्दी हुआ कि जानवरों और पक्षियों को भी भागने का समय नहीं मिला.”
(The above story first appeared on LatestLY on Jun 13, 2025 01:10 AM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

