देश की खबरें | मानसून से पहले अमित शाह ने बाढ़ से निपटने की तैयारियों की समीक्षा की

नयी दिल्ली, दो जून केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शुक्रवार को आगामी मानसून के मौसम में बाढ़ प्रबंधन के लिए समग्र तैयारियों और देश में बाढ़ की अक्सर होने वाली समस्या को कम करने के लिए व्यापक नीति बनाने के उपायों की समीक्षा की।

केंद्रीय गृह मंत्रालय द्वारा जारी बयान के मुताबिक शाह ने बैठक में कहा कि भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) और केंद्रीय जल आयोग (सीडब्ल्यूसी) मौजूदा समय में बारिश और बाढ़ संबंधी पूर्वानुमान पांच दिन के लिए जारी करते हैं लेकिन अगले मानसून सत्र में वे सात दिन का पूर्वानुमान जारी करेंगे ताकि बाढ़ प्रबंधन में और सुधार हो।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में आपदा प्रबंधन के क्षेत्र में तमाम कोशिशें की जा रही हैं ताकि जान-माल की क्षति को न्यूनतम किया जा सके।

शाह ने निर्देश दिया कि केंद्रीय गृह मंत्रालय और राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एनडीएमए) मार्च 2024 तक विस्तृत सॉफ्टवेयर तैयार करे जिसपर नवीनतम वैज्ञानिक आंकड़े सभी पूर्व चेतावनी एजेंसियों को मुहैया कराई जाएगी ताकि वे इनको आपदा प्रबंधन एजेंसियों को भेज सकें।

उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे केंद्र और राज्य एजेंसियों के साथ समन्वय को मजबूत करें ताकि देश में बाढ़ और प्रमुख जल संग्रह क्षेत्रों व इलाकों का पूर्वानुमान लगाने की स्थायी व्यवस्था हो।

केंद्रीय मंत्री ने आईएमडी और सीडब्ल्यूसी जैसे विशेषज्ञ संस्थानों को प्रौद्योगिक को अद्यतन करने की प्रक्रिया जारी रखने को कहा ताकि वे मौसम व बाढ़ का और सटीक पूर्वानुमान लगा सके।

उन्होंने कहा कि आईएमडी द्वारा आकाशीय बिजली गिरने की दी गई चेतावनी को यथाशीघ्र एसएमएस, टेलीविजन, एफएम रेडियो और अन्य माध्यमों के जरिये जनता तक पहुंचाना शीर्ष प्राथमिकता होनी चाहिए।

शाह ने कहा कि इस सॉफ्टवेयर के विकास में विदेशी विशेषज्ञ एजेंसियों की मदद भी लेनी चाहिए। उन्होंने कहा कि सरकार की ‘आपदा मित्र’ योजना के तहत गांवों के पारंपरिक गोताखोरों को भी आपदा बचाव क प्रशिक्षण दिया जाना चाहिए।

उन्होंने निर्देश दिया कि आने वाले मानसून सीजन में नदियों के मौजूदा व पूर्वानुमानित जल स्तर की निगरानी घंटे के आधार पर किया जाए और बाढ़ आने पर संबंधित हितधारकों को तटबंधों की निगरानी, लोगों की निकासी, अस्थायी आश्रय गृह आदि जैसे उचित कदम उठाने चाहिए।

शाह ने आईएमडी द्वारा मौसम पूर्वानुमान के लिए विकसित ‘उमंग’, ‘रेन अलार्म’और ‘दामिनी’ जैसे मोबाइल ऐप का प्रचार करने को कहा ताकि इसका लाभ लक्षित आबादी तक पहुंच सके।

(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)