पार्टी कार्यकर्ता पंचकुला, कैथल, अंबाला, कुरूक्षेत्र, फतेहाबाद, सिरसा और महेंद्रगढ़ सहित विभिन्न स्थानों पर धरना पर भी बैठे।
उन्होंने ट्रैक्टर रैलियां निकालीं और विरोध मार्च किए। उन्होंने ‘‘काले कानून’’ वापस लेने की मांग की।
साथ ही, कांग्रेस ने उत्तर प्रदेश के हाथरस में 19 वर्षीय दलित लड़की के कथित सामूहिक बलात्कार की घटना के खिलाफ भी प्रदर्शन किया।
इस घटना पर पार्टी के वरिष्ठ नेता रणदीप सिंह सुरजेवाला और प्रदेश पार्टी प्रमुख कुमारी शैलजा ने योगी आदित्यनाथ नीत उत्तर प्रदेश सरकार की आलोचना की।
शैलजा ने महेंद्रगढ़ में एक प्रदर्शन का नेतृत्व किया।
कैथल में धरना को संबोधित करते हुए सुरजेवाला ने नये कृषि कानूनों को ‘‘किसान विरोधी’’ और ‘‘श्रमिक विरोधी’’ बताया।
उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा नीत केंद्र सरकार हरित क्रांति लाने वाले और कड़ी मेहनत करने वाले किसानों की कोशिशों को निष्फल करना चाहती है।
सुरजेवाला ने कहा, ‘‘वे किसानों, मजदूरों और छोटे दुकानदारों की आजीविका छीन लेना चाहते हैं। इन कानूनों के जरिये वे कुछ बड़े कॉरपोरेट को फायदा पहुंचाना चाहते हैं।’’
उन्होंने कहा, ‘‘इन किसान विरोधी कानूनों को वापस नहीं लिये जाने तक हमारा संघर्ष जारी रहेगा। और हम इन कानूनों को वापस लेने के लिये सरकार को मजबूर करने के बाद ही चैन की सांस लेंगे। ’’
शैलजा ने भी कहा कि ये कानून बड़े कॉरपोरेट को फायदा पहुंचाने के लिये लाये गये हैं।
उन्होंने कहा, ‘‘पार्टी किसानों के लिये आवाज उठाना जारी रखेगी और सरकार को किसान विरोधी कानूनों को वापस लेने के लिये मजबूर कर देगी। ’’
इस बीच हरियाणा के गृह मंत्री अनिल विज ने विपक्ष की आलोचना करते हुए कहा, ‘‘किसान उनका (विपक्ष का) खेल समझते हैं। ’’
विज ने बृहस्पतिवार को कहा था कि राहुल गांधी की प्रस्तावित ट्रैक्टर रैली को हरियाणा में प्रवेश करने की अनुमति नहीं दी जाएगी।
गौरतलब है कि राहुल गांधी नये कृषि कानूनों के खिलाफ चार से छह अक्टूबर के बीच पंजाब और हरियाणा में ट्रैक्टर रैलियां करने जा रहे हैं।
सुरजेवाला ने कहा, ‘‘राहुल पंजाब के मोगा से चार अक्टूबर को किसान-मजदूर यात्रा शुरू करेंगे। छह अक्टूबर को यह यात्रा पेहोवा बॉर्डर से हरियाणा में प्रवेश करेगी।’’
उन्होंने कहा कि यदि हरियाणा की भाजपा-जजपा (जननायक जनता पार्टी) सरकार इसे राज्य में प्रवेश करने से रोकने की कोशिश करेगी तो कांग्रेस कार्यकर्ता गिरफ्तारी देंगे।
मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर और उप मुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला पर निशाना साधते हुए कहा कि दोनों नेता इन दिनों अपनी सरकार के खिलाफ लोगों के रोष को देखते हुए सड़क से यात्रा करने के बजाय हेलीकॉप्टर का इस्तेमाल कर रहे हैं।
सुरजेवाला ने धान की सुगम खरीद सुनिश्चित करने में कथित नाकामी को लेकर भी राज्य सरकार की आलोचना की।
उन्होंने कहा, ‘‘ना तो खट्टर, ना ही दुष्यंत चौटाला एक भी मंडी में गये। दुष्यंत ने कहा था कि यदि किसानों को एमएसपी नहीं मिला तो वह इस्तीफा दे देंगे। अब खट्टर और दुष्यंत, दोनों को इस्तीफा दे देना चाहिए क्योंकि वे किसानों की फसल खरीदने में नाकाम रहे हैं। ’’
कांग्रेस के दिन भर के प्रदर्शन को ‘किसान- मजदूर बचाओ दिवस’ नाम दिया गया है। नये कृषि कानूनों के खिलाफ पार्टी ने एक महीने तक चलने वाला आंदोलन शुरू किया है।
(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)












QuickLY