जरुरी जानकारी | किसानों को प्रमाणित बीजों की आपूर्ति के लिए एनएससी, जेसीआई के बीच समझौता

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on Information at LatestLY हिन्दी. किसानों को अगले वर्ष 10,000 क्विन्टल प्रमाणित बीजों की आपूर्ति के लिए सरकारी उपक्रमों राष्ट्रीय बीज निगम (एनएससी) और भारतीय जूट निगम (जेसीआई) के बीच बुधवार को एक समझौता हुआ। इस कदम से देश में कच्चे जूट का उत्पादन और उपज को बढ़ाने में मदद मिलेगी।

नयी दिल्ली, 19 अगस्त किसानों को अगले वर्ष 10,000 क्विन्टल प्रमाणित बीजों की आपूर्ति के लिए सरकारी उपक्रमों राष्ट्रीय बीज निगम (एनएससी) और भारतीय जूट निगम (जेसीआई) के बीच बुधवार को एक समझौता हुआ। इस कदम से देश में कच्चे जूट का उत्पादन और उपज को बढ़ाने में मदद मिलेगी।

कृषि मंत्रालय ने कहा कि देश में पैदा होने वाले कच्चे जूट की गुणवत्ता, पिछले कुछ वर्षो में कम गुणवत्ता वाले बीजों और नकली बीजों के कारण प्रभावित हुई है। इस लिहाज से प्रमाणित बीजों की आपूर्ति महत्वपूर्ण है।

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एक बयान में कहा गया है, ‘‘इस समझौते से यह सुनिश्चित होगा कि जूट किसानों को बेहतरीन गुणवत्ता के बीज प्राप्त हों जो विभिन्न कृषि जलवायु परिस्थितियों के अनुकूल हों।’’

कृषि मंत्री नरेन्द्र सिंह तोमर और कपड़ा मंत्री स्मृति ईरानी की उपस्थिति में इस समझौते पर वीडियो कांफ्रेन्सिंग के जरिये हस्ताक्षर किये गये। इससे फसल वर्ष 2021-22 में किसानों को प्रमाणित बीज की आपूर्ति सुनिश्चित होगी और इससे 5-6 लाख खेतिहर परिवार लाभान्वित होंगे।

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इसमें कहा गया है कि उत्पादकता के बढ़ने के कारण किसानों की आय बढ़ेगी और यह किसानों की आय दोगुनी करने में मददगार होगा। इसमें कहा गया है कि जेसीआई द्वारा इन प्रमाणित बीजों को प्रथम वाणिज्यिक वितरण अभियान के लिए एनएससी से खरीदा जायेगा।

इस मौके पर कृषि मंत्री तोमर ने कच्चे जूट की गुणवत्ता और उत्पादन में सुधार लाने के अलावा उसके मूल्यवर्धन पर जोर दिया।

उन्होंने कहा कि हमें जूट निर्यात पर ध्यान देना चाहिए। इसके लिए दोनों मंत्रालय के अधिकारी रूपरेखा बनाएं। जूट की खेती में फायदा यह है कि खरीद की गारंटी होती है। जूट के उत्पादों को और आकषर्क बनाया जाना चाहिए, जिससे इनकी मांग बढ़ेगी और इसके माध्यम से देश में बड़ा बाजार खड़ा किया जा सकता है।

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