मसौदा प्रस्ताव पर जिनेवा स्थित मानवाधिकार परिषद की बुधवार को जल्दबाजी में बुलाई गयी बैठक में चर्चा हो सकती है।
इसमें मांग की गयी है कि अमेरिका और दुनिया के अन्य हिस्सों में अफ्रीकी तथा अफ्रीकी मूल के लोगों के साथ बुरे बर्ताव और उनके अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकारों के कथित उल्लंघन तथा ‘व्यवस्थागत नस्लवाद’ की पड़ताल करने के लिए जांच आयोग बनाया जाए।
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इसमें कहा गया है कि इस तरह का कार्य दोषियों को न्याय के कठघरे में लाने के मकसद के साथ किया जाएगा।
जिनेवा में अमेरिकी मिशन ने तत्काल मसौदा प्रस्ताव पर कोई टिप्पणी करने से इनकार कर दिया है।
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राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दो साल पहले इस 47 सदस्यीय संस्था से अमेरिका को हटा लिया था। उन्होंने आरोप लगाया था कि इकाई में इसराइल विरोध पूर्वाग्रह हैं और वह गंभीर मानवाधिकार उल्लंघन की जिम्मेदार कुछ निरंकुश सरकारों की सदस्यता स्वीकार कर रही है।
परिषद ने अमेरिका में जॉर्ज फ्लॉयड की मौत के मद्देनजर सोमवार को सर्वसम्मति से नस्लीय प्रेरित मानवाधिकार उल्लंघनों, व्यवस्थागत नस्लवाद, पुलिस क्रूरता और शांतिपूर्ण प्रदर्शनों के खिलाफ हिंसा पर तत्काल बहस के लिए सहमति जताई थी।
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