विदेश की खबरें | अफगानिस्तान: हिंसा में हताहत आम लोगों की संख्या में इस साल 13 प्रतिशत की गिरावट आई

रिपोर्ट में हताहतों की संख्या में गिरावट का श्रेय अंतरराष्ट्रीय बलों के अभियानों में कमी को दिया है। अब ये बल जरूरत पड़ने और अफगानिस्तान के सुरक्षा बलों के सहयोग के लिये ही काम करते हैं। इसके अलावा इस्लामिक स्टेट समूह द्वारा किये गए हमलों में कमी को भी इसकी एक वजह बताया गया है।

हालांकि रिपोर्ट में कहा गया है कि आम आबादी वाले इलाकों में अब भी लड़ाई जारी है और भारी संख्या में लोगों की मौत हुई है।

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यह रिपोर्ट इस साल फरवरी में अमेरिका-तालिबान शांति समझौते की पृष्ठभूमि में आई है।

एक ओर अमेरिका और नाटो ने अफगानिस्तान में अपने सैनिकों की संख्या कम करनी शुरू कर दी है, वहीं दूसरी ओर समझौते के दूसरे चरण के तहत तालिबान और काबुल सरकार के बीच होने वाली बातचीत में देरी हो रही है।

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संयुक्त राष्ट्र की रिपोर्ट में कहा गया है कि अफगानिस्तान में 2020 के पहले छह महीने में हिंसा में 1,282 लोगों की मौत हुई है और 2,176 लोग घायल हुए हैं। इस साल , 2019 के शुरुआती छह महीनों की तुलना में हताहतों की संख्या में कुल 13 प्रतिशत की कमी आई है।

रिपोर्ट में कहा गया है कि 2020 के शुरुआती छह महीने में आईएस ने 17 हमले किये। पिछले साल इस अवधि के दौरान 97 हमले हुए थे।

इस साल के शुरुआती छह महीने में अफगान सुरक्षा बलों के हमलों में हताहत हुए आम लोगों की संख्या बीते साल इस अवधि के दौरान हताहत होने वाले लोगों की तादाद से तीन गुणा अधिक है। अफगान सुरक्षा बल 23 प्रतिशत जबकि तालिबान 43 प्रतिशत आम लोगों के हताहत होने के लिये जिम्मेदार है।

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