जम्मू, एक सितंबर पुलिस के एक शीर्ष अधिकारी ने जम्मू में आगामी विधानसभा चुनाव के दौरान किसी भी संभावित चुनौती से निपटने के लिए विभिन्न सुरक्षा एजेंसियों के बीच मजबूत समन्वय का आह्वान किया है।
इस वर्ष अप्रैल से जुलाई के बीच जम्मू के कई जिलों में आतंकवादी घटनाएं हुईं। सीमा पार से आतंकी आकाओं ने शांति वाले क्षेत्र को आतंकवाद की गिरफ्त में लेने के प्रयास फिर से शुरू कर दिए हैं।
जम्मू कश्मीर में 18 सितंबर, 25 सितंबर और एक अक्टूबर को तीन चरणों में विधानसभा चुनाव होगा। मतगणना आठ अक्टूबर को होगी।
अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (एडीजीपी), जम्मू क्षेत्र, आनंद जैन ने शनिवार शाम यहां वरिष्ठ पुलिस और खुफिया अधिकारियों की एक बैठक में सुरक्षा, कानून व्यवस्था तथा अन्य प्रबंधों की व्यापक समीक्षा की।
पुलिस के एक प्रवक्ता ने बताया कि जैन ने चुनाव के दौरान किसी भी चुनौती से निपटने के लिए विभिन्न सुरक्षा एजेंसियों के बीच मजबूत समन्वय की आवश्यकता पर भी प्रकाश डाला।
प्रवक्ता ने बताया कि उन्होंने सभी पक्षकरों को निर्देश दिया कि वे स्वतंत्र, निष्पक्ष और शांतिपूर्ण तरीके से चुनाव संपन्न कराने के लिए सतर्क और सक्रिय रहें।
जैन ने तैनाती योजनाओं की समीक्षा की और निर्देश दिया कि किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए संवेदनशील क्षेत्रों में अतिरिक्त बल तैनात किए जाएं।
प्रवक्ता ने बताया कि उन्होंने किसी भी सुरक्षा खतरे को रोकने के लिए खुफिया जानकारी जुटाने और समय पर जानकारी साझा करने के महत्व पर भी बल दिया।
एडीजीपी ने सामुदायिक सहभागिता तथा पुलिस और जनता के बीच विश्वास निर्माण के महत्व पर भी जोर दिया।
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