जरुरी जानकारी | अदाणी समूह ने जेपी एसोसिएट्स के अधिग्रहण के लिए प्रतिस्पर्धा आयोग से अनुमति मांगी

नयी दिल्ली, 22 जुलाई अदाणी समूह ने मंगलवार को जयप्रकाश एसोसिएट्स लिमिटेड के अधिग्रहण के लिए भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग (सीसीआई) से अनुमति मांगी।

यह घटनाक्रम तब सामने आया जब अरबपति कारोबारी गौतम अदाणी के

समूह ने कथित तौर पर कर्ज में डूबी जयप्रकाश एसोसिएट्स लिमिटेड (जेएएल) के लिए बिना शर्त बोली लगाई। जेएएल कॉरपोरेट दिवाला समाधान प्रक्रिया (सीआईआरपी) से गुजर रही है।

सीसीआई के समक्ष दायर एक नोटिस के अनुसार, ‘‘प्रस्तावित संयोजन, अधिग्रहणकर्ताओं (अदाणी एंटरप्राइजेज लिमिटेड और अदाणी इंफ्रास्ट्रक्चर एंड डेवलपर्स प्राइवेट लिमिटेड) या अदाणी समूह का हिस्सा बनने वाली किसी अन्य इकाई द्वारा लक्षित (जयप्रकाश एसोसिएट्स लिमिटेड) की 100 प्रतिशत तक शेयरधारिता के अधिग्रहण से संबंधित है।''

अदाणी एंटरप्राइजेज लिमिटेड (एईएल) गुजरात स्थित अदाणी समूह की प्रमुख कंपनी है। जेएएल एक बुनियादी ढांचा समूह है, जिसका कारोबार इंजीनियरिंग और निर्माण, सीमेंट, बिजली, रियल एस्टेट और आतिथ्य क्षेत्र में है।

सीसीआई को भेजे एक नोटिस में एईएल, अदाणी इंफ्रास्ट्रक्चर एंड डेवलपर्स और जेएएल ने कहा है कि ‘‘प्रस्तावित संयोजन किसी भी संभावित प्रासंगिक बाजार में प्रतिस्पर्धा संबंधी चिंताएं पैदा नहीं करता है और इसलिए, संबंधित बाजार संभावनाओं को खुला छोड़ा जा सकता है।’’

पिछले महीने, डालमिया सीमेंट (भारत) लिमिटेड ने भी एक नोटिस दिया था और जेएएल में 100 प्रतिशत हिस्सेदारी हासिल करने के लिए सीसीआई से मंजूरी मांगी थी।

पांच कंपनियों - अदाणी एंटरप्राइजेज, वेदांता समूह, डालमिया भारत सीमेंट, जिंदल पावर और पीएनसी इन्फ्राटेक ने जेएएल के अधिग्रहण के लिए अपनी समाधान योजनाएं प्रस्तुत की हैं।

जेएएल को राष्ट्रीय कंपनी विधि न्यायाधिकरण की इलाहाबाद पीठ के तीन जून, 2024 के आदेश के तहत सीआईआरपी में शामिल किया गया था।

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