नयी दिल्ली, आठ जुलाई सरकार ने बृहस्पतिवार को कहा कि वह आयात के जरिये कोविड रोधी टीके की उपलब्धता को बढ़ाने की दिशा में ‘सक्रियता’ से काम कर रही है और अभी उसका ध्यान घरेलू स्तर पर तैयार किए जाने टीके का उपयोग देश में चल रहे टीकाकरण कार्यक्रम के लिए करने पर है । विदेश मंत्रालय ने यह बात कही है।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने डिजिटल माध्यम से संवाददाताओं से कहा कि नयी दिल्ली को उम्मीद है कि विभिन्न देश भारत निर्मित टीके को मान्यता देंगे ।
उन्होंने कहा, ‘‘अभी हमारा (सरकार का) ध्यान घरेलू टीका उत्पादन का अपने टीकाकरण अभियान के लिये उपयोग करने पर है ।’’
बागची ने कहा, ‘‘ हम आयात के जरिये कोविड रोधी टीके की उपलब्धता को बढ़ाने की दिशा में ‘सक्रियता’ से काम कर रहे हैं । इससे हाल के सप्ताह में टीकाकरण की गति बढ़ाने में मदद मिली है।’’
गौरतलब है कि अभी भारत में चल रहे टीकाकरण के तहत तीन कोविड रोधी टीकों का उपयोग किया जा रहा है जिनमें भारत बायोटेक का कोवैक्सीन, सीरम इंस्टीट्यूट आफ इंडिया का कोविशिल्ड और रूस का स्पुतनिक वी शामिल है। टीकाकरण अभियान के अंतर्गत अभी तक देशभर में 36.48 करोड़ लोगों को टीका लगाया गया है ।
विश्व स्वास्थ्य संगठन द्वारा कोवैक्सीन को मंजूरी देने के बारे में पूछे जाने पर प्रवक्ता ने कहा कि सरकार इसकी प्रगति पर नजर रखे हुए है । उन्होंने कहा कि इसकी वर्तमान स्थिति के बारे में भारत बायोटेक से जानकारी ली जा सकती है ।
दीपक
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