प्रधानमंत्री फ्रेंकोइस बायरू ने इस घटना को ‘इस्लामोफोबिक’ कृत्य करार दिया।
‘इस्लामोफोबिक’ से आशय इस्लाम या मुसलमानों के प्रति नापसंदगी या पूर्वाग्रह को प्रदर्शित करने से है।
पीड़ित की शुक्रवार को जब चाकू से हमला करके हत्या की गई, तब दोनों व्यक्ति पूर्व खनन शहर ला ग्रैंड कॉम्बे की मस्जिद में अकेले थे।
स्थानीय मीडिया के अनुसार हमलावर ने कथित तौर पर अपने फोन पर हमले को रिकॉर्ड किया था। सुरक्षा कैमरे की फुटेज में उसे तेज आवाज में ‘अल्लाह’ का अपमान करते हुए दिखाया गया था।
पेरिस की ग्रैंड मस्जिद ने एक बयान में हमले की निंदा की और कहा कि पीड़ित ने अभी मस्जिद की सफाई का काम पूरा ही किया था कि उसकी हत्या कर दी गई।
न्याय मंत्री गेराल्ड डर्मैनिन ने शनिवार को इस ‘घृणित हत्या’ की निंदा की, जिसने ‘फ्रांस के सभी मुसलमानों और आस्थावान लोगों के दिलों को चोट पहुंचाई है।
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