चंडीगढ़, तीन जनवरी हरियाणा में विपक्षी दलों द्वारा मंत्री संदीप सिंह को बर्खास्त करने की मांग के बीच मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने मंगलवार को कहा कि कोई व्यक्ति सिर्फ इसलिए दोषी नहीं हो जाता कि उसके खिलाफ आरोप लगा है।
सिंह पर एक महिला कोच का यौन उत्पीड़न करने का आरोप लगा है।
खट्टर ने कहा कि पुलिस मामले की जांच कर रही है और जांच रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। सिंह ने रविवार को यह कहते हुए अपना खेल विभाग छोड़ दिया कि उन्होंने नैतिक आधार पर यह कदम उठाया है और दावा किया कि उनके खिलाफ आरोप निराधार हैं।
भारत के पूर्व हॉकी कप्तान सिंह ने कहा था कि उन्होंने खेल विभाग का प्रभार मुख्यमंत्री खट्टर को सौंप दिया है। हालांकि, उन्होंने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेतृत्व वाले हरियाणा मंत्रिमंडल से इस्तीफा नहीं दिया था।
मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘एक महिला खिलाड़ी ने खेल मंत्री के खिलाफ बेतुका आरोप लगाया है। लेकिन सिर्फ आरोप लगाने से कोई व्यक्ति दोषी नहीं हो जाता है। पुलिस आरोपों की आगे जांच करती है।’’
ब्रह्मकुमारी के एक कार्यक्रम में हिस्सा लेने के लिए राजस्थान के सिरोही गए खट्टर ने कहा, ‘‘चंडीगढ़ पुलिस मामले की जांच कर रही है और हरियाणा पुलिस भी अपनी रिपोर्ट इकट्ठा कर रही है। (जांच) रिपोर्ट आने के बाद हम आगे की कार्रवाई करेंगे।’’
खट्टर ने कहा, ‘‘खेल विभाग में मंत्री होने के नाते, एक मुद्दा उठाया जा सकता है कि निष्पक्ष जांच नहीं हो रही है। इसलिए, वह (सिंह) खेल मंत्री नहीं रहेंगे, वह वहां से हट चुके हैं ताकि एक उचित और निष्पक्ष जांच हो।’’
चंडीगढ़ पुलिस ने शनिवार को भाजपा नेता सिंह (36) के खिलाफ यौन उत्पीड़न और गलत तरीके से बंधक बनाकर रखने के आरोप में प्राथमिकी दर्ज की।
हरियाणा के पुलिस महानिदेशक ने सिंह द्वारा कोच के खिलाफ शिकायत दर्ज कराने के बाद एक समिति का गठन किया। सिंह ने कोच के खिलाफ शिकायत में दावा किया कि उसने उनकी छवि खराब की है। सोमवार को एक खाप पंचायत ने चेतावनी दी थी कि अगर सिंह को बर्खास्त नहीं किया गया तो वे बड़ा आंदोलन करेंगे।
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