देश की खबरें | लैंगिक समानता को मूल में रखकर जलवायु संबंधी कार्रवाई में तेजी लायी जाए: जी20 घोषणापत्र

नयी दिल्ली, नौ सितंबर जी20 समूह ने सभी महिलाओं और बालिकाओं पर जलवायु परिवर्तन के असंगत प्रतिकूल प्रभाव को स्वीकार करते हुए शनिवार को फैसला किया कि लैंगिक समानता को मूल में रखते हुए जलवायु संकट से निपटने सबंधी कदम उठाने में तेजी लाई जाए तथा जलवायु परिवर्तन पर अंकुश लगाने में महिलाओं की भागीदारी एवं नेतृत्व को प्रोत्साहित किया जाए।

जी20 के नयी दिल्ली घोषणापत्र (नयी दिल्ली लीडर्स समिट डिक्लेरेशन) में सदस्य देशों ने लैंगिक समानता के मूलभूत महत्व को रेखांकित किया और ‘2030 एजेंडा’ को साकार करने में इसके प्रभाव को स्वीकार किया।

घोषणापत्र में कहा गया है,"हम लैंगिक असमानता को कम करने, अर्थव्यवस्था में नीति नियंता के रूप में महिलाओं की पूर्ण, समान, प्रभावी भागीदारी को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।"

इसके अनुसार, ‘‘हम महिलाओं के नेतृत्व वाले विकास को प्रोत्साहित करते हैं और वैश्विक चुनौतियों से निपटने तथा समाज के सभी क्षेत्रों और सभी स्तरों पर सक्रिय प्रतिभागियों के रूप में योगदान देने के लिए महिलाओं की पूर्ण, समान, प्रभावी और सार्थक भागीदारी बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध हैं। यह न केवल लैंगिक समानता के लक्ष्य को हासिल करने के लिए महत्वपूर्ण है, बल्कि वैश्विक सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) में वृद्धि में योगदान करने के लिहाज से भी अहम है।’’

महिलाओं और लड़कियों पर जलवायु परिवर्तन, जैव विविधता हानि और प्रदूषण के असंगत प्रभाव को स्वीकार करते हुए समूह ने कहा कि जलवायु कार्रवाई में तेजी लाने के मूल में लैंगिक समानता होनी चाहिए।

जी20 ने जलवायु परिवर्तन पर अंकुश लगाने और अनुकूल कदम उठाने तथा पर्यावरणीय मुद्दों पर आपदा जोखिम को कम करने की रणनीति एवं नीति से संबंधित ढांचे में महिलाओं की भागीदारी, साझेदारी, निर्णय लेने और नेतृत्व को प्रोत्साहित करने का समर्थन किया।

महिलाओं को और अधिक सशक्त बनाने तथा लैंगिक समानता को बढ़ावा देने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए जी20 नेता महिलाओं के सशक्तिकरण पर एक नया कार्य समूह स्थापित करने पर सहमत हुए हैं।

यह कार्य समूह जी20 महिला मंत्रिस्तरीय प्रयासों को समर्थन देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा और ब्राज़ील की जी20 अध्यक्षता के दौरान अपनी उद्घाटन बैठक आयोजित करेगा।

जी20 घोषणापत्र में इन प्रतिबद्धताओं को मूर्त रूप देने के लिए एक समग्र योजना की रूपरेखा तैयार की गई है।

हक हक संतोष

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