इंदौर/उज्जैन (मध्यप्रदेश), दो जून अपने भारतीय समकक्ष नरेन्द्र मोदी से एक दिन पहले हुई मुलाकात पर नेपाल के प्रधानमंत्री पुष्पकमल दाहाल "प्रचंड" ने शुक्रवार को खासी प्रसन्नता जताई। उन्होंने कहा कि इस भेंट के दौरान दोनों देशों के बीच संपर्क, जल संसाधन और ऊर्जा के क्षेत्रों में आपसी संबंध मजबूत करने को लेकर बहुत दूर तक जाने वाली सहमति बनी है।
दाहाल, मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की मेजबानी में इंदौर में शुक्रवार रात आयोजित भोज में शामिल गणमान्य लोगों को संबोधित कर रहे थे।
उन्होंने कहा,‘‘नेपाल के प्रधानमंत्री के रूप में मेरा यह चौथा भारत दौरा है। कल (बृहस्पतिवार) को मोदी से मुलाकात के दौरान जिस तरीके से (नेपाल और भारत के बीच) कनेक्टिविटी (संपर्क), जल संसाधन और ऊर्जा के क्षेत्रों में सहमति बनी है, वह बहुत दूर तक जाने वाली है।"
प्रचंड ने कहा,‘‘प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने गर्मजोशी के साथ उद्घोष किया है कि अब नेपाल और भारत के संबंध हिमालय की ऊंचाई तक जाएंगे। यह हमारे लिए बहुत खुशी और गर्व की बात है।’’
उन्होंने कहा कि वह शनिवार को नेपाल लौट रहे हैं और स्वदेश पहुंचने के बादी नेपाली जनता को बताएंगे कि नेपाल-भारत संबंधों में नये इतिहास की शुरुआत हुई है और इनमें एक नया आयाम जुड़ गया है जिसे मजबूत करना सबका कर्तव्य है।
गौरतलब है कि प्रचंड बुधवार से भारत की चार दिन की यात्रा पर हैं और उन्होंने बृहस्पतिवार को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के साथ दोनों देशों के आपसी संबंधों को लेकर राजधानी दिल्ली में वार्ता की थी।
इंदौर में शुक्रवार रात आयोजित भोज के दौरान मेजबान मुख्यमंत्री चौहान से मुखातिब होते हुए प्रचंड ने कहा,‘‘मध्यप्रदेश में मेरा अविस्मरणीय स्वागत किया गया है। मुख्यमंत्री चौहान के नेतृत्व में राज्य में विकास के बड़े काम हो रहे हैं और उन्होंने इस मामले में एक रिकॉर्ड बनाया है।’’
इससे पहले, मुख्यमंत्री चौहान ने शुक्रवार सुबह इंदौर के हवाई अड्डे पर प्रचंड के स्वागत के दौरान संवाददाताओं से कहा कि उन्हें लगता है कि भारत और नेपाल जैसे अत्यंत प्राचीन व महान राष्ट्र भले ही दो शरीरों की तरह अलग-अलग हों, लेकिन दोनों पड़ोसी मुल्कों की संस्कृति, सभ्यता और संस्कार एक जैसे हैं।
प्रचंड के स्वागत में नेपाली टोपी पहने नजर आए मुख्यमंत्री ने कहा,‘‘मैं समझता हूं कि प्रचंड की यात्रा से भारत और नेपाल के संबंध और प्रगाढ़ किए जाने तथा द्विपक्षीय सहयोग बढ़ाने की दिशा में ठोस कदम उठेंगे।’’
प्रचंड अपनी चार दिवसीय भारत यात्रा के तहत दो दिवसीय दौरे पर शुक्रवार सुबह मध्यप्रदेश के इंदौर पहुंचे। हवाई अड्डे पर मुख्यमंत्री ने उनकी अगवानी की।
पारंपरिक अंदाज में जोरदार स्वागत के बाद नेपाल के प्रधानमंत्री इंदौर से करीब 55 किलोमीटर दूर स्थित धार्मिक नगरी उज्जैन पहुंचे जहां उन्होंने भगवान शिव के 12 पवित्र ज्योतिर्लिंगों में शामिल महाकालेश्वर मंदिर का दर्शन-पूजन किया।
एक अधिकारी ने बताया कि भगवा रंग की शॉल ओढ़े प्रचंड ने मंदिर में प्रवेश के बाद गर्भगृह में पूजा-अर्चना की।
इस दौरान पुजारियों द्वारा ‘‘श्लोक’’ वाचन किया गया। अधिकारी ने बताया कि प्रचंड ने मंदिर में 100 रुद्राक्ष और 51,000 रुपये चढ़ाए।
उज्जैन से इंदौर लौटने के बाद प्रचंड ने भारत के सबसे स्वच्छ शहर के देवगुराड़िया में 15 एकड़ पर सार्वजनिक-निजी भागीदारी (पीपीपी) के आधार पर चलाए जा रहे "गोबर-धन" संयंत्र का दौरा किया।
प्रदेश सरकार इसे शहरी क्षेत्र से निकलने वाले गीले कचरे से बायो-सीएनजी बनाने का एशिया का सबसे बड़ा संयंत्र बताती है।
अधिकारियों ने बताया कि प्रचंड ने देवगुराड़िया में ठोस कचरे के निपटान के लिए चलाया जा रहा संयंत्र भी देखा और भारत के सबसे साफ-सुथरे शहर के स्वच्छता मॉडल को बड़ी बारीकी से समझा जिसमें घर-घर से कचरे को अलग-अलग श्रेणियों में जमा करने की व्यवस्था सबसे अहम है।
उन्होंने बताया कि शनिवार को प्रचंड इंदौर में टीसीएस और इन्फोसिस सरीखी दिग्गज आईटी कंपनियों के विशेष आर्थिक क्षेत्रों का भ्रमण करेंगे और इसके तुरंत बाद दोपहर में दिल्ली के लिए रवाना होंगे।
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