देश की खबरें | हिंसक विरोध प्रदर्शन के एक दिन बाद यादवपुर विश्वविद्यालय परिसर में शांति रही

कोलकाता, दो मार्च वामपंथी छात्रों के हिंसक विरोध प्रदर्शन और पश्चिम बंगाल के शिक्षा मंत्री ब्रात्य बसु के साथ बदसलूकी की घटना के बाद, रविवार सुबह यादवपुर विश्वविद्यालय परिसर में शांति रही।

प्रदर्शनकारियों ने शनिवार को मंत्री की कार का शीशा तोड़ दिया था और उनके काफिले की गाड़ी की चपेट में आने से दो प्रदर्शनकारी घायल हुए थे।

विश्वविद्यालय के एक अधिकारी ने बताया कि रविवार को एक फोरेंसिक टीम के परिसर का दौरा करने की उम्मीद है।

कोलकाता पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि विश्वविद्यालय के पूर्व छात्र मोहम्मद साहिल अली को विश्वविद्यालय परिसर में तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के शिक्षा सेल (शैक्षणिक शाखा) के कार्यालय में तोड़फोड़ करने के आरोप में शनिवार देर रात शहर के दक्षिणी हिस्से के बिजयगढ़ इलाके में किराये के एक फ्लैट से गिरफ्तार किया गया।

आईटी कंपनी में काम करने वाला अली बीरभूम जिले के मोहम्मद बाजार क्षेत्र का रहने वाला है।

आगजनी उस वक्त हुई, जब मंत्री के काफिले की गाड़ी की चपेट में आने से दो छात्र घायल हो गए।

विश्वविद्यालय के कार्यवाहक कुलपति भास्कर गुप्ता के साथ वामपंथी छात्रों के एक वर्ग ने उस वक्त कथित तौर पर दुर्व्यवहार किया, जब वह घायल छात्रों में से एक इंद्रानुज रॉय को देखने निकटवर्ती निजी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल गए थे।

मंत्री के काफिले के विश्वविद्यालय से जाने के बाद गुस्साए प्रदर्शनकारियों ने परिसर में सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस के शिक्षा प्रकोष्ठ (शैक्षणिक शाखा) के कार्यालय में आगजनी की।

गुप्ता शनिवार देर रात करीब 12.30 बजे घायल छात्र से मिलने अस्पताल पहुंचे तो गुस्साए छात्रों ने उनके साथ गाली-गलौज की। उन्होंने उन पर छात्र संघ चुनाव जैसे मुद्दों पर कुछ नहीं करने का आरोप लगाया।

उन्होंने रविवार सुबह संवाददाताओं से कहा, “मैं समझता हूं कि वे रॉय के घायल होने से दुखी और व्यथित हैं तथा हम सभी उनके शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करते हैं।"

विश्वविद्यालय के एक अधिकारी ने बताया कि गुप्ता ने रविवार सुबह बसु से भी बात की और उनके साथ स्थिति पर चर्चा की।

उन्होंने कहा, "छात्र संघ चुनाव कराना उच्च शिक्षा मंत्रालय के अधिकार क्षेत्र में है। हालांकि, हमने बार-बार सरकार के समक्ष यह मुद्दा उठाया है।"

पुलिस कर्मियों ने परिसर के बाहर एस.सी. मलिक रोड और यादवपुर थाने के सामने कड़ी निगरानी रखी, जहां शनिवार को अलग-अलग रैलियों के दौरान वामपंथी छात्रों का तृणमूल कांग्रेस समर्थकों से आमना-सामना हुआ था।

मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) की छात्र इकाई ‘स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया’ (एसएफआई) और अन्य छात्र संगठनों के सदस्यों ने राज्य में छात्र संघ चुनाव जल्द कराने की मांग की।

उन्होंने बसु के खिलाफ कार्रवाई की भी मांग की और आरोप लगाया कि उनकी कार जानबूझकर परिसर से तेज गति से निकली, जिससे दो छात्र घायल हो गए।

तृणमूल ने वामपंथी प्रदर्शनकारियों द्वारा बसु के साथ बदसलूकी, सत्तारूढ़ दल से संबद्ध पश्चिम बंगाल कॉलेज एवं विश्वविद्यालय प्राध्यापक संघ (डब्ल्यूबीसीयूपीए) के एक कार्यक्रम के दौरान तोड़फोड़ और इसके कई सदस्यों पर हमले के विरोध में प्रदर्शन किया।

मंत्री ‘पश्चिम बंगाल कॉलेज एवं विश्वविद्यालय प्राध्यापक संघ’ की वार्षिक आम बैठक में शामिल होने के लिए वहां गए थे।

बसु ने प्रदर्शन कर रहे छात्रों से बात करने का प्रयास किया, लेकिन छात्रों ने उन्हें घेर लिया और उनके सुरक्षाकर्मियों को उन्हें उनके वाहन तक ले जाने में काफी मशक्कत करनी पड़ी।

प्रदर्शनकारी छात्रों ने उनकी कार की विंडस्क्रीन भी क्षतिग्रस्त कर दी थी।

मंत्री को बाद में सरकारी एसएसकेएम अस्पताल ले जाया गया, जहां उन्होंने बेचैनी महसूस होने की शिकायत की। कांच के टुकड़े लगने से उनके बाएं हाथ में भी चोट आई थी। मंत्री के सुरक्षाकर्मियों को उन्हें उनके वाहन तक पहुंचाने में काफी मशक्कत करनी पड़ी।

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