हैदराबाद, चार जून तेलंगाना के स्वास्थ्य मंत्री सी. दामोदर राजनरसिम्हा ने बुधवार को बताया कि यहां ‘इंस्टीट्यूट ऑफ मेंटल हेल्थ’ (आईएमएच) के 92 मरीज संदिग्ध खाद्य विषाक्तता के कारण बीमार पड़ गए हैं।
संस्थान में एक मरीज की मंगलवार को मौत हो गई और उसकी मौत के कारणों का पता लगाने के लिये जांच की जा रही है।
इनमें से 18 मरीजों की हालत स्थिर है और उन्हें सरकारी उस्मानिया जनरल हॉस्पिटल (ओजीएच) में भर्ती कराया गया है।
आईएमएच का दौरा करने के बाद राजनरसिम्हा ने पत्रकारों से कहा कि शेष 74 मरीजों की हालत भी स्थिर है और चिकित्सकों द्वारा उन्हें विशेष देखभाल दी जा रही है। कुछ दिनों में उनके स्वस्थ होने की उम्मीद है।
हालांकि शुरू में संदेह था कि दूषित जल के कारण ये समस्या आई थी, लेकिन विश्लेषण से पता चला कि ‘95 प्रतिशत तक’ जल दूषित नहीं है।
मंत्री ने कहा कि दो जून को मरीजों को दिए गए भोजन की गुणवत्ता की जांच की जा रही है और रिपोर्ट का इंतजार है। रिपोर्ट के अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने बताया कि अस्पताल में भोजन की आपूर्ति करने वाले ठेकेदार की सेवाएं समाप्त कर दी गई जबकि संदिग्ध खाद्य विषाक्तता की घटना के बारे में पुलिस में औपचारिक शिकायत दर्ज करा दी गई है।
मंत्री ने इस बात पर भी जोर दिया कि मरीज की मौत के लिए जवाबदेही निर्धारित करने के बाद राज्य सरकार कार्रवाई करेगी।
देश में बढ़ते कोविड-19 मामलों के बारे में पूछे जाने पर, राजनरसिम्हा ने कहा कि सरकार नमूनों की जांच को बढ़ा रही है और सलाह दे रही है कि जनता में दहशत पैदा न करें।
सरकार समय-समय पर कोविड-19 मामलों और मौसम संबंधित बीमारियों की समीक्षा करेगी।
आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, इस बार अब तक कोविड-19 का एक मामला सामने आया है।
इससे पहले मंगलवार को अधिकारियों ने बताया था कि आईएमएच में एक व्यक्ति की मौत हो गई तथा लगभग 70 अन्य लोग उल्टी और दस्त से पीड़ित हैं।
(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)













QuickLY