विदेश की खबरें | तेल बंदरगाह पर अमेरिकी हवाई हमलों में 74 लोगों की मौत: हूती विद्रोही
श्रीलंका के प्रधानमंत्री दिनेश गुणवर्धने

यह विद्रोहियों को निशाना बनाने के लिए राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन द्वारा शुरू किये गए नये अभियान के तहत अब तक का सबसे घातक हमला है।

ट्रंप प्रशासन के तहत 15 मार्च से शुरू हुए अभियान के परिणामों का आकलन करना कठिन है, क्योंकि अमेरिकी सेना की सेंट्रल कमांड ने अभी तक अभियान के बारे में कोई जानकारी जारी नहीं की है कि इसके विशिष्ट लक्ष्य क्या थे और कितने लोग मारे गए हैं।

इस बीच, यमन के हूती विद्रोहियों ने हमला किये गये क्षेत्रों तक पहुंच को नियंत्रित कर रखा है तथा वे हमलों के बारे में जानकारी प्रकाशित नहीं करते हैं।

हालांकि रास ईसा तेल बंदरगाह पर हमला अमेरिकी अभियान के लिए एक बड़ी बढ़त का संकेत देता है। इस हमले से रात के समय आसमान में आग के गोले धधक उठे। हूती विद्रोहियों ने हमले में मारे गए लोगों की तत्काल ग्राफिक फुटेज जारी की।

एक बयान में, अमेरिकी सेना की सेंट्रल कमांड ने कहा कि ‘‘अमेरिकी बलों ने ईरान समर्थित हूती आतंकवादियों के लिए ईंधन के इस स्रोत को खत्म करने और उन्हें अवैध राजस्व से वंचित करने के लिए कार्रवाई की है, जिसने 10 वर्षों से अधिक समय से पूरे क्षेत्र को आतंकित करने के हूती प्रयासों को वित्तपोषित किया है।’’

इसमें कहा गया है, ‘‘इस हमले का उद्देश्य यमन के लोगों को नुकसान पहुंचाना नहीं था, जो हूती से मुक्त होकर शांतिपूर्वक रहना चाहते हैं।’’ इसने हमले में किसी के हताहत होने की बात स्वीकार नहीं की और न ही किसी नुकसान का आकलन किया।

‘‘प्लैनेट लैब्स पीबीसी’’ से प्राप्त उपग्रह चित्रों और ‘एसोसिएटेड प्रेस’ द्वारा शुक्रवार को विश्लेषण किए गए चित्रों में बंदरगाह पर नष्ट हो चुके टैंक और वाहन दिखाई दिए। साथ ही लाल सागर में तेल रिसाव भी दिखा।

इजराइली सेना ने बताया कि शुक्रवार को ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों ने इजराइल की ओर मिसाइल दागी जिसे बीच में ही मार गिराया गया। तेल अवीव और अन्य इलाकों में सायरन बजने लगे।

इस बीच, यमन में युद्ध का अधिक अंतरराष्ट्रीयकरण हो गया और अमेरिका ने आरोप लगाया कि एक चीनी उपग्रह कंपनी हूती हमलों का "सीधे समर्थन" कर रही है, जिस पर बीजिंग ने टिप्पणी करने से इनकार कर दिया।

तेहरान के तेजी से बढ़ते परमाणु कार्यक्रम पर ईरान और अमेरिका के बीच दूसरे दौर की वार्ता शनिवार को रोम में होने वाली है।

रास ईसा बंदरगाह लाल सागर के किनारे यमन के होदेदा प्रांत में स्थित है। हूती विद्रोहियों के अल-मसीरा सैटेलाइट समाचार चैनल ने घटना के बाद की ग्राफिक फुटेज प्रसारित की, जिसमें स्थल पर शव और जलते हुए टैंकर ट्रक दिखायी दिये।

यह बंदरगाह यमन के ऊर्जा-समृद्ध मारिब प्रांत तक फैली एक तेल पाइपलाइन का टर्मिनस भी है।

रास ईसा हूती विद्रोहियों के लिए गैसोलीन, डीजल और तरलीकृत पेट्रोलियम गैस प्राप्त करता है। हमलों से होने वाले नुकसान से यमन के हूती नियंत्रित क्षेत्रों में जीवन पर गंभीर प्रभाव पड़ सकता है।

हूती विद्रोहियों ने अमेरिकी हमले की निंदा करते हुए इसे "पूरी तरह से अनुचित आक्रमण" बताया। उसने एक बयान में कहा, ‘‘एक महत्वपूर्ण नागरिक सुविधा को निशाना बनाया गया है, जिसने दशकों से यमनी लोगों की सेवा की है।’’

जोखिम परामर्श कंपनी ‘बाशा रिपोर्ट’ में एक यमन विशेषज्ञ मोहम्मद अल-बाशा ने कहा, ‘‘हालांकि हूतियों ने दावा किया कि यह एक कबायली सभा थी, लेकिन उन्होंने न तो कोई फुटेज जारी की और न ही एक भी हताहत का नाम लिया, जिससे स्पष्ट रूप से संकेत मिलता है कि पीड़ित आम नागरिक नहीं बल्कि लड़ाके थे। हालांकि, रास ईसा ईंधन बंदरगाह पर रातभर का हमला पहली ऐसी घटना है जिसे हूतियों ने खुले तौर पर स्वीकार किया है और प्रचारित किया है।’’

अमेरिका ने चीनी उपग्रह कंपनी पर हूती हमलों में सहायता करने का आरोप लगाया।

एक प्रेसवार्ता में विदेश विभाग की प्रवक्ता टैमी ब्रूस ने वाणिज्यिक उपग्रह छवि प्रदाता चांग गुआंग सैटेलाइट टेक्नोलॉजी कंपनी लिमिटेड पर "अमेरिकी हितों पर ईरान समर्थित हूती आतंकवादी हमलों का समर्थन करने" का आरोप लगाया।

ब्रूस ने विस्तार से नहीं बताया, लेकिन ‘द फाइनेंशियल टाइम्स’ की एक खबर को स्वीकार किया, जिसमें अज्ञात अमेरिकी अधिकारियों के हवाले से कहा गया था कि पीपुल्स लिबरेशन आर्मी से जुड़ी कंपनी ने तस्वीरें प्रदान की, जिससे विद्रोहियों को लाल सागर गलियारे से गुजरने वाले अमेरिकी युद्धपोतों और वाणिज्यिक जहाजों को निशाना बनाने की सुविधा मिली।

चीनी विदेश मंत्रालय प्रवक्ता लिन जियान ने आरोप के बारे में एक सवाल का जवाब देते हुए शुक्रवार को कहा, ‘‘मैं आपके द्वारा बतायी गई स्थिति से परिचित नहीं हूं।’’

हालांकि, उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि चीन को विभिन्न देशों से ‘‘क्षेत्रीय शांति और स्थिरता के लिए अधिक प्रयास करने’’ का आग्रह करते हुए देखा जा सकता है।

लिन ने कहा, ‘‘लाल सागर में तनाव में वृद्धि के बाद से, चीन इसे कम करने में सकारात्मक भूमिका निभा रहा है। कौन शांति के लिए बातचीत को बढ़ावा दे रहा है और तनाव को कम कर रहा है और कौन प्रतिबंध और दबाव डाल रहा है?’’

हूती विद्रोहियों ने नवंबर 2023 से इस वर्ष जनवरी तक 100 से अधिक व्यापारिक जहाजों को मिसाइल और ड्रोन से निशाना बनाया, जिनमें से दो डूब गए और चार नाविक मारे गए।

(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)